मंगलवार, 9 मार्च 2021

अब किसी भी राज्य में घर बैठे ऑनलाइन देख सकते हैं जमीन का दस्तावेज (Now in any state, you can see the document of land online from home)


कंटेट टेबल

भूलेख हरियाणा

भूलेख राजस्थान

भूलेख उत्तर प्रदेश

भूलेख मध्य प्रदेश

भूलेख बिहार

दोस्तों अक्सर हम सुनते हैं कि फलां व्यक्ति ने एक प्लॉट खरीदा, रजिस्ट्री करवाई और बनवा भी लिया। छह महीने बाद पता चलता है कि उसने जो जमीन अपना घर बनवाने के लिए खरीदी वो सरकारी भूमि है। इसलिए उसका मकान पूरी तरह से अवैध है। यूपी में तो अक्सर ऐसे मामले सामने आते रहे हैं। जिसमें बेकसूर लोगों को प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा ग्राम समाज की जमीन बेचकर लाखों का चूना लगाया जाता रहा है। पिछले कई सालों से इस तरह के फर्जीवाड़े बढ़ते ही जा रहे हैं। अंत में ये सभी मामले राजस्व न्यायालय में जाकर इकट्ठा होते हैं। कई बार तो लोग सरकार के खिलाफ यह कहकर हाई कोर्ट तक चले जाते हैं, कि जमीन की रजिस्ट्री प्रक्रिया जब सरकार के अधीन है तो सरकारी जमीन की रजिस्ट्री हो जाना भी गलत है। ऐसे में जब सरकार ही अपनी जमीन को चेक नहीं कर पा रही है तो इसमें बेकसूर लोगों की क्या गलती? क्योंकि उन्होंने तो जमीन की पूरी कीमत चुकाई है। इस तरह के विवाद अब भविष्य में न हो इसलिए ही मोदी सरकार ने देश के सभी राज्यों को ऑनलाइन लैंड रेकॉर्ड रखने के निर्देश दिए हैं। 

भारत सरकार ने सभी राज्यों को आदेश दिया है कि वे लैंड रजिस्ट्रेशन की जानकारी डिजिटल इंडिया इनिशिएटिव के तहत ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करें।  कुछ राज्य ऐसे हैं जो इन दस्तावेजों को अपलोड करने की प्रक्रिया में हैं, जबकि कुछ इस प्रक्रिया को पूरी कर चुके हैं।  जमीन के इस रिकॉर्ड्स को आप इन राज्यों के पोर्टल्स पर देख सकते हैं। 

हिंदी भाषी राज्यों में जमीन के रिकॉर्ड्स को भूलेख के नाम से जाना जाता है। इन राज्यों में उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा इत्यादि शामिल हैं। भूलेख दस्तावेज ऐसा कानूनी दस्तावेज नहीं है, जो ओनरशिप साबित करता हो. लेकिन अगर ये उच्चाधिकारियों से अटेस्ट हो तो इसका इस्तेमाल किया जा सकता है. आज हम आपको बताते हैं कि विभिन्न राज्यों में भूलेख दस्तावेज डाउनलोड करने का तरीका क्या है।

भूलेख हरियाणा

अगर आप हरियाणा में  जमीन के रिकॉर्ड्स तलाश रहे हैं तो कुछ प्रक्रियाओं का पालन कर आप उसे  घर पर ही डाउनलोड कर सकते हैं। कुछ इस तरह से --

स्टेप 1: जमाबंदी पोर्टल पर जाएं और टॉप मेन्यू में जमाबंदी पर क्लिक करें और फिर ड्रॉप डाउन मेन्यू से जमाबंदी नकल के बटन को दबाएं। 



स्टेप 2: आप चार तरीकों से जमीन के रिकॉर्ड्स ढूंढ सकते हैं- मालिक के नाम से, खेवट के नाम से, सर्वे के नाम से या फिर म्यूटेशन की तारीख से। 


स्टेप 3: सभी जानकारियां भरने के बाद, आप जमीन के रिकॉर्ड्स की कॉपी का प्रिंट ले सकते हैं। 


भूलेख राजस्थान

अन्य राज्यों की ही तरह, राजस्थान भी जमीन के रिकॉर्ड्स को डिजिटल करने की प्रक्रिया में है।  अधिकतर जिलों का काम पूरा कर लिया गया है।  कुछ में काम बाकी है। आइए आपको बताते हैं कि कैसे जमीन के रिकॉर्ड्स को देखा जा सकता है। 

स्टेप 1: राजस्थान के अपना खाता पोर्टल पर जाएं और मेन्यू या नक्शे से जिले को चुनें.


स्टेप 2: इसके बाद आप एक नए पेज पर पहुंच जाएंगे, जहां से आपको सूची या नक्शे से तहसील को चुनना होगा.


स्टेप 3: फिर आप एक नए पेज पर पहुंचेंगे, जहां से आपको अपना गांव चुनना होगा.


स्टेप 4: जरूरी जानकारी भरें जैसे नाम व पता, जमीन के दस्तावेज को खोजने के लिए आपके पास इनमें से एक चीज होनी चाहिए- खाता नंबर, खसरा नंबर, मालिक का नाम, यूएसएन नंबर या जीआरएन.


इसके बाद जानकारी भरते ही आपका भूलेख दस्तावेज जारी हो जाएगा। चाहे तो इसे प्रिंट भी कर सकते हैं। 

भूलेख उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश ने अपनी जमीन के रिकॉर्ड्स का डिजिटलीकरण पूरा कर लिया है और इसे आप ऑनलाइन देख या डाउनलोड कर सकते हैं।  भूलेख को डाउनलोड करने का ये है तरीका.

स्टेप 1: गूगल पर ही भूलेख सर्च करें। पहली वेबसाइट ही भूलेख आ जाती है। अब भूलेख पोर्टल पर जाएं और लेफ्ट साइड पर जनपद को चुनें। 


स्टेप 2: अगले मेन्यू से तहसील चुनने के बाद गांव का नाम चुनें। 


स्टेप 3: जमीन के रिकॉर्ड्स देखने के लिए ये जानकारियां भरें- खसरा नंबर, खाता नंबर, मालिक का नाम पता होना चाहिए। आप किसी एक से भी भूलेख रेकॉर्ड देख सकेंगे।


आपका भूलेख दस्तावेज जारी हो जाएगा और आप इसे भविष्य के इस्तेमाल के लिए डाउनलोड कर सकते हैं.

भूलेख मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश सरकार ने एक बड़ा ही यूजर फ्रेंडली पोर्टल बनाया है ताकि लोग आसानी से लैंड रिकॉर्ड्स देख या डाउनलोड कर सकें. इन स्टेप्स को फॉलो कर आप ऐसा कर सकते हैं.

स्टेप 1: जमीन दस्तावेज के पोर्टल पर जाएं और इन दो विकल्पों में से किसी एक को दबाएं- खसरा/खतौनी या नक्शा.


स्टेप 2: अगर आप खसरा/खतौनी पर क्लिक करेंगे तो आपको जिला, तहसील और गांव चुनना होगा.


स्टेप 3: इसके बाद आप एक नए पेज पर जाएंगे, जहां आपको डिटेल्स चेक करनी होंगी. कैप्चा को भरें और अपेक्षित जानकारी के लिए वांछित धन से विकल्प चुनें।

अगर आप नक्शा चुनते हैं तो आपको नए पेज पर ले जाया जाएगा, जहां से आपको जिला, तहसील और गांव चुनना होगा. आप नक्शे पर क्षेत्र भी चुन सकते हैं, अगर सटीक लोकेशन जानते हैं.


भूलेख बिहार

इसी तरह से से सभी राज्यों में लैंड रेकॉर्ड देखे जा सकते हैं। 


सोमवार, 8 मार्च 2021

अगर ये शर्ते पूरी नहीं की तो अब नहीं मिलेगी पीएम किसान सम्मान निधि (If these conditions are not fulfilled, now PM Kisan Samman Nidhi will not be available)

 

पीएम किसान सम्मान निधि: अगर आप अब तक पीएम किसान सम्मान निधि का सालाना 6000 रुपये लेते रहे हैं तो यह खबर आपके लिए ही है। आपको बता दें कि सरकार की गाइड लाइन के तहत कई किसानों की किसान सम्मान निधि खत्म की जा सकती है। 

सरकार की यह एक ऐसी योजना है, जिसमें किसानों के अकाउंट में सीधे पैसे भेजे जाते हैं। हर किसान के अकाउंट में सालाना 6,000 रुपये ट्रांसफर किए जाते हैं। सरकार इन पैसों को 3 बराबर किस्तों में भेजती है। यानी केंद्र सरकार हर किस्त में 2,000 हजार रुपये ट्रांसफर करती है। अब तक किसानों को 7 किस्तों में 14000 करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं। लेकिन इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ शर्तों का पालन करना पड़ता है। तभी किसानों को 2,000 रुपये की किस्त का लाभ मिलता है।

शर्त ये है कि इस योजना का लाभ उन्हीं लोगों को मिलता है। जिनके नाम पर खेत होंगे। इससे पहले उन किसानों को भी इसका लाभ मिलता था, जिनके पास पुश्तैनी जमीन थी। लेकिन अब इन लोगों को इसका फायदा नहीं मिलता। सरकार द्वारा दी गई शर्त के मुताबिकस खेती करने वाले किसान के पिता या दादा के नाम से जमीन है तो वो व्यक्ति इस योजना का हकदार नहीं है। साथ ही जो लोग खेती करते हैं, लेकिन उनके पास खेती योग्य जमीन नहीं हैं तो उन्हें भी पीएम किसान सम्मान निधि का फायदा नहीं मिलता। इसके साथ ही अगर कोई इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करता है तो उसे पीएम किसान सम्मान निधि से बाहर रखा गया है। इसमें वकील, डॉक्टर, सीए आदि भी इस योजना से बाहर हैं।

दरअसल, इस योजना के तहत कई ऐसे लोग इस योजना फायदा उठा रहे थे, जो पीएम किसान सम्मान निधि के तहत नहीं आते। सरकार की कोशिश है कि इस योजना के तहत सभी किसानों को इसका फायदा मिले। लिहाजा सरकार ने इस योजना में यह बदलाव किया है।

घर बैठे करें रजिस्ट्रेशन

पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लिए आप खुद घर बैठे रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। इसके लिए आपके पास अपने खेत की खतौनी, आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और बैंक अकाउंट नंबर होना जरूरी है। इसके लिए आपको पीएम किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.nic.in पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं

बुधवार, 3 मार्च 2021

घर बनवा रहे हैं तो इन 6 तरीकाें को अपनाकर बचा सकते है 15 फीसदी तक खर्च (If you are building a house, you can save up to 15 percent by adopting these 6 methods)

 

प्रॉपर्टी टर्मिनल : यह बिल्‍कुल सही है कि प्‍लॉट खरीदना आसान है, लेकिन, इस पर घर बनवाना सरल नहीं है।  सबसे बड़ी चुनौती लागत को कंट्रोल करने की है।  छोटी-छोटी चीजें सही तरीके से करके कंस्‍ट्रक्‍शन कॉस्‍ट में 12-15 फीसदी की बचत की जा सकती है या फिर कॉरपेट एरिया को 15 फीसदी तक बढ़ाया जा सकता है। 

आइए, जानते हैं  इन तरीकों के बारे में

1.सही प्‍लॉट खरीदें

आपको ऐसा प्‍लॉट लेने की कोशिश करनी चाहिए जो समतल और सड़क के लेवल पर हो। अगर प्‍लॉट ऊबड़-खाबड़ या पथरीला है तो इसमें एक्‍स्‍ट्रा कॉस्‍ट लगेगी।  प्‍लॉट को समतल कराने में अतिरिक्‍त मटीरियल खर्च होगा जो इसकी लागत बढ़ा सकता है। 

2.अच्‍छा आर्किटेक्‍ट और ठेकेदार लें

यह सही है कि अच्‍छे आर्किटेक्‍ट की सेवाएं लेने में पैसा खर्च होता है। लेकिन, कंस्‍ट्रक्‍शन कॉस्‍ट में आपको काफी बचत होती है। जानकाराें के अनुसार, अच्‍छे आर्किटेक्‍ट उपलब्‍ध जगह का ज्‍यादा से ज्‍यादा इस्‍तेमाल कर सकते है। इससे कॉस्‍ट में बचत होती है। साथ ही हमें एक अच्छा ठेकेदार या कॉन्‍ट्रैक्‍टर लेना चाहिए। कॉन्‍ट्रैक्‍टर अमूमन कंस्‍ट्रक्‍शन कॉस्‍ट का करीब 10 फीसदी चार्ज करते हैं। क्‍या कंस्‍ट्रक्‍शन की जिम्‍मेदारी खुद लेकर आपको यह खर्च बचाना चाहिए? अगर समय है तो आप ऐसा कर सकते हैं. हालांकि, याद रखें कि पूरा 10 फीसदी नहीं बचाया जा सकता है क्‍योंकि आपको मजबूरन सब-कॉन्‍ट्रैक्‍टर रखना पड़ेगा. अगर आप खुद यह काम करने की योजना बना रहे हैं तो डिजाइन को सिंपल रखें। 

3.स्‍टैंडर्ड डिजाइन के साथ जाएं

आपके दिल में किसी बहुत खूबसूरत घर का ख्‍याल हो सकता है।  लेकिन, इसे बनवाने में खर्च भी ज्‍यादा आएगा। अच्‍छा होगा कि आप आमतौर पर इस्‍तेमाल होने वाले ग्रिड स्‍ट्रक्‍चर के साथ जुड़े रहें। यह मजबूत होता है और वजन उठा पाता है। चमक-धमक वाले स्‍ट्रक्‍चर आंखों को अच्‍छा दिख सकते हैं। लेकिन, इसमें मजबूती कम हो सकती ह

4. बड़े पैमाने पर स्‍थानीय खरीदारी करें

घर बनाने की लागत घटाने का सबसे अच्‍छा तरीका यह है कि कच्‍चे माल की खरीद स्‍थानीय स्‍तर पर की जाए. फिर चाहे वह सीमेंट, ईंट हों या दरवाजे, पल्‍ले और खिड़कियां. बल्‍क में खरीदने पर कॉस्‍ट तो बचती है। लेकिन, यह देख लेना चाहिए कि इन्‍हें स्‍टोर करने का पर्याप्‍त इंतजाम हो। 

5.लेटेस्‍ट टेक्‍नोलॉजी का इस्‍तेमाल करें

इंडस्ट्रियल कंस्‍ट्रक्‍शन में लोकप्रिय प्री-इंजीनियर्ड बिल्डिंग्‍स (पीईबी) का कॉन्‍सेप्‍ट धीरे-धीरे रेजिडेंशियल कंस्‍ट्रक्‍शन में भी इस्तेमाल किया जा रहा है। आसान शब्‍दों में कहें तो पीईबी बने-बनाए आयरन स्‍टील स्‍ट्रक्‍चर होते हैं। ये न केवल कॉस्‍ट घटाते हैं बल्कि कंस्‍ट्रक्‍शन के काम को भी रफ्तार देते हैं.

6.घर की उम्र से जुड़ी लागत का ध्‍यान रखें

कम लागत में घर बनाने का मतलब यह नहीं कि उसकी क्‍वालिटी के साथ समझौता किया जाए। घर बनवाने में सिर्फ शुरुआती कॉस्‍ट का ही नहीं, बल्कि पूरी जिंदगी इस पर आने वाले खर्च को ध्‍यान में रखने की जरूरत है. यह अमूमन करीब 30-50 साल होती है। आर्किटेक्‍ट की मदद से ऐसा मटीरियल चुनें जो लंबे समय तक चले। साथ ही वह बहुत महंगा नहीं हो। यह आपको भविष्‍य में रिपेयर या रिप्‍लेसमेंट कॉस्‍ट घटाने में मदद करेगा।

मंगलवार, 2 मार्च 2021

होम लोन का रेट 7% के नीचे, घर खरीदने का आ गया वक्त (Home loan rate below 7%, it's time to buy a house)


प्रॉपर्टी टर्मिनल : होम लोन के लिए ब्याज दर 7 फीसदी के नीचे आ गई हैं। साल 2004 के बाद ऐसा मौका आया है, जब हाउस लोन की ब्याज दर इतनी कम हुई है।  बैंक इस समय होम लोन पर जो ब्याज दर ऑफर कर रहे हैं, उसमें भी दो तरह की ब्याज दरें हैं। एक फिक्स दर है दूसरी फ्लोटिंग दर है। फ्लोटिंग दर में जब भी ब्याज दरें घटेंगी या बढ़ेंगी आपके लोन पर इसका असर दिखेगा, जबकि फिक्स दरों में वह उसी स्तर पर रहेंगी। बैंकिंग जानकारों का कहना है कि यह लोगों की प्रोफाइल पर निर्भर करता है कि वे किस तरह की दर पर कर्ज लेना चाहते हैं।


सस्ते होम लोन की बहार

कोटक महिंद्रा बैंक सबसे सस्ता होम लोन मिल रहा है। SBI ने भी होम लोन सस्ता किया है। ज्यादातर बैंकों के होम लोन 7 फीसदी के नीचे है। अच्छे CIBIL स्कोर वाले ग्राहकों को फायदा हो रहा है। ज्यादातर बैंकों की स्कीम 31 मार्च तक है।


कोटक महिंद्रा बैंक का होम लोन

कोटक महिंद्रा बैंक 6.65 फीसदी पर होम लोन दे रहा है। ये ऑफर 31 मार्च तक के लिए है। ये नए पुराने सभी लोन पर लागू होगा। इसमें सैलरीड और बिजनेस दोनों ग्राहक शामिल हैं।


SBI का होम लोन

SBI 75 लाख तक लोन के लिए 6.70 फीसदी ब्याज ले रहा है। 75 लाख से ज्यादा के लिए 6.75 फीसदी ब्याज देना होगा।  SBI की स्कीम 31 मार्च तक चलेगी। इसमें अच्छे CIBIL स्कोर पर प्राथमिकता मिलेगी। बैंक ने प्रोसेसिंग फीस माफ की है।

इस समय होम लोन सेल लगी है जिसमें कोटक महिंद्रा बैंक 6.65 फीसदी पर, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया    6.70 फीसदी पर, एक्सिस बैंक 6.75 फीसदी पर. HDFC 6.80 फीसदी पर, ICICI बैंक 6.80 फीसदी पर, बैंक ऑफ बड़ौदा 6.85 फीसदी पर और LIC हाउसिंग फाइनेंस 6.90 फीसदी पर होम लोन दे रहा है। जानकारों का कहना है कि ये घर खरीदने का सही वक्त है। होम लोन की दरें सस्ती हैं। बिल्डर के अच्छे ऑफर्स भी मिल रहे हैं। स्टांप ड्यूटी में कटौती भी की गई है।


होम लोन लेते समय इन बातों का रखें खयाल

 आमतौर पर कोई बैंक या कर्ज देने वाली कंपनी यह देखती है आप मासिक आमदनी का 50 फीसदी होम लोन की किस्त के रूप में दे पाएंगे या नहीं। होम लोन की अवधि और ब्याज दर पर भी लोन अमाउंट निर्भर करता है। इसके अलावा बैंक होम लोन के लिए उम्र की ऊपरी सीमा भी तय करके चलते हैं।

आपको बता दें कि किसी मकान या फ्लैट की कीमत का 10 -20 फीसदी तक डाउन पेमेंट करना पड़ता है। यह आपका अपना योगदान होता है। इसके बाद प्रॉपर्टी की वैल्यू का 80-90 फीसदी तक लोन मिल जाता है। इसमें रजिस्ट्रेशन, ट्रांसफर और स्टांप ड्यूटी जैसे चार्ज भी शामिल होते हैं। अगर कर्ज देने वाली इकाई आपको ज्यादा रकम होम लोन के रूप में अप्रूव कर दे तब भी जरुरी नहीं कि आप सारी रकम लोन के रूप में ले लें। प्रॉपर्टी खरीदते वक्त आपको अधिक से अधिक डाउन पेमेंट करना चाहिए जिससे लोन का बोझ कम से कम रहे। होम लोन पर कर्ज देने वाला बैंक लंबी अवधि में आपसे काफी ब्याज वसूलता है, इसका ध्यान रखें।

सोमवार, 1 मार्च 2021

स्टांप ड्यूटी में छूट के बाद महाराष्ट्र में 11,000 करोड़ रुपये की संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन हुआ (Stamp duty cut in Maharashtra drives property registration of over 10,000 housing units worth Rs 11,000 crore)

 

प्रॉपर्टी टर्मिनल, मुंबई : इस साल सिर्फ फरवरी में 10,000 से ज्यादा आवास इकाइयां पंजीकृत की गई हैं। यह संख्या जनवरी में पंजीकृत हुई आवास इकाइयों के लगभग बराबर है। इतनी ज्यादा मात्रा में आवासों के पंजीकृत होने के पीछे बड़ी वजह महाराष्ट्र सरकार द्वारा स्टांप ड्यूटी में दी गई छूट है। 

महाराष्ट्र सरकार ने कोविड-19 के कारण रियल स्टेट को राहत देते हुए  26ं अगस्त से आवास पंजीकरण करवाने में स्टांप ड्यूटी में अस्थाई रूप से छूट देने का फैसला किया था। 31 दिसंबर 2020 तक यह छूट पांच से दो प्रतिशत के बीच थी। हालांकि एक जनवरी 2021 से 31 मार्च 2021 तक यह छूट तीन प्रतिशत कर दी गई है।

महाराष्ट्र सरकार के आईजीआर आंकड़ों के मुताबिक सितंबर में 5,597 संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन हुआ था। जबकि अक्टूबर में यह संख्या 7,929 तक पहुंच गई। इसी तरह से नवंबर में  9,301, दिसंबर में 19,584, जनवरी में 10,412 और फरवरी में 10,170 संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। 


Stamp duty cut in Maharashtra drives property registration of over 10,000 housing units worth Rs 11,000 crore

Over 10,000 housing units were registered in Mumbai in February this year, almost the same number as January 2021 on the back of the stamp duty cut by the Maharashtra government.

On August 26, the Maharashtra government decided to temporarily reduce stamp duty on housing units from 5 percent to 2 percent until December 31, 2020 to boost the stagnant real estate market, which had been hit hard by COVID-19. Stamp duty from January 1, 2021 until March 31, 2021 is 3 percent.

In September, as many as 5,597 properties were registered, in October 7,929 properties, November saw 9,301 properties being registered, December 19,584, January 10,412 and February 10,170 properties, government data by IGR Maharashtra show.

Volumes were, however, down by 2 percent month-on-month (MoM) but up 72 percent year-on-year, data shared by Propstack has revealed.

As for stamp duty collection, it was up by 15 percent MoM but down by 19 percent year-on-year (YoY). During the festive season in October, it was Rs 233 crore, in November it was Rs 288 crore, in December it was Rs 681 crore, January it was Rs 305 crore and in February it was Rs 352 crore, data shared by Propstack show.



शनिवार, 27 फ़रवरी 2021

दिल्ली में प्रॉपर्टी खरीदना हुआ सस्ता, केजरीवाल सरकार ने सर्किल रेट में 20 फीसदी की कमी की Delhi government notifies 20% reduced circle rates for land & immovable properties


प्रॉपर्टी टर्मिनल, नई दिल्ली :  दिल्ली में प्रॉपर्टी खरीदने की सोच रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। केजरीवाल सरकार ने रेजिडेंशियल, कर्मशल और इंडस्ट्रियल प्रॉपर्टी के सर्किल रेट 20 प्रतिशत कम कर दिए हैं। शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के उपराज्यपाल ने सर्कल दरों में दी जा रही छूट को अधिसूचित कर दिया है। घटा हुआ सर्किल रेट 28 फरवरी से 30 सितंबर 2021 तक जारी रहेगा। दिल्ली में सभी रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी को भारतीय स्टांप अधिनियम के तहत नए रेट पर रजिस्ट्रेशन के लिए कहा गया है। सर्किल रेट के 20 प्रतिशत कम होने से प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के समय स्टांप ड्यूटी में करीब एक प्रतिशत  की कमी आएगी। 

इस पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम कोविड काल के दौर में हुए आर्थिक नुकसान से अब धीरे-धीरे उबर रहे हैं। हमारी सरकार का यह कर्तव्य है कि वह आम आदमी पर वित्तीय बोझ को और कम करने के लिए सभी कदम उठाए। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि इस निर्णय से संपत्ति खरीदने के इच्छुक लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और इससे रियल एस्टेट क्षेत्र को एक बड़ा बढ़ावा मिलेगा। वहीं, राजस्व मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि सर्कल रेट में 20 प्रतिशत तक कमी करने का निर्णय अधिक से अधिक लोगों को अचल संपत्ति में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करेगा और रियल स्टेट में आई स्थिरता को दूर करेगा। 


गुरुवार, 25 फ़रवरी 2021

आवास विकास की अवध विहार योजना सेक्टर 7C की लॉटरी ड्रॉ का परिणाम

 


प्रॉपर्टी टर्मिनल : अवध विहार योजना में सेक्टर 7C में 128 वर्ग मीटर के भूखंड की लॉटरी का ड्रॉ 24 फरवरी को अवध शिल्पग्राम में सुबह 11 बजे हुआ। इसमें पड़ी लॉटरी के विजेताओं के नाम यहां दिए जा रहे हैं। लेकिन इसमें ओबीसी और जनरल का ही परिणाम दिया गया है। एससी/एसटी का परिणाम देखने के लिए आपको हमारा लाइव विडियो देखना होगा। 

इसके लिए आपको यू ट्यूब पर प्रॉपर्टी टर्मिनल चैनल सर्च करना होगा



सामान्य  वर्ग (MLA/MP/ Freedom fighter)

मुकेश मिश्रा 260

संभ्रात मिश्रा 206

अभिषेक कुमार पांडेय 63

गिरिजा शंकर तिवारी  213


सामान्य वर्ग (EX Govt. Serviceman)

अनिल कुमार सिंह 239

शैलेंद्र तिवारी 83

साकेत त्रिपाठी --

जयचंद्र मिश्रा 205


सामान्य वर्ग (जल बोर्ड)

मनीष कुमार कुलश्रेष्ठ 9


सामान्य सीनियर सिटिजन

हरीश चंद्र 18

गजिया बेग 15

आशारानी 270

अशोक कुमार शर्मा 191

चंद्र प्रकाश 232

श्री नारायन 74

राकेश जैन 195

आरपी सिंह 85

पदमा देवी 53


सामान्य दिव्यांग जन

आयुष कुमार 225

सुभाष चंद्र पांडेय 207

अरुण गुप्ता 269


सामान्य बिना आरक्षण

राजभानू शुक्ला 50

प्रगति त्रिपाठी 37

भावना कलानी 235

महेंद्र प्रताप सिंह 211

अभिनव त्रिपाठी 59

गोविंद प्रकाश गुप्ता 195

अमित कुमार उपाध्याय 279

शेखर ितवारी 236

शोभित निगम 33

अभय सिंह 199

जतिन कुमार 157

दिव्या सिंह 258

राखी सिन्हा -*

राकेश पाठक 252

कौशल किशोर राजपूत 72

श्वेता शुक्ला 254

स्नेहा त्रिपाठी 81

सत्यवती नंदन ित्रपाठी 43

सीता वैश्य 07

अक्षय सिंह कुशवाहा 12

मृत्युंजय कुमारी 30

मीनाक्षी पवन अग्रहरि 46

मंजू दुबे 34

शुचिता पांडेय -*

गीतांजली श्रीवास्तव 186

एसएन शुक्ला -*

स्मिता शुक्ला 52

शशि थौर गौर -*

हेमंत कुमार 77

शिवानी खेतान 233

प्रियंका तिवारी 41

सलोनी अवस्थी 267

राम गोपाल गुप्ता 03

अवजीत कुमार सिंह 76

दीपक कुमार 244

प्रशांत सिंह 73

पूनम शर्मा 249

प्रियंका चतुर्वेदी 22

रितु गुप्ता 27

राघवेंद्र सिंह 57

विष्णु कांत शुक्ला 204

प्रभा गुप्ता 216

अदिति उमराव 178

रुचि राय अभिषेक राय 35

नीलम शुक्ला 20

रमाकांत यादव -*

नदीम तैययब 221

विनय कुमार सिंह 179

सत्येंद्र कुमार 209

उत्कर्ष मिश्रा 276

आशुतोष कनौजिया 271

स्वपनिल गुप्ता 185

पवन प्रकाश त्रिवेदी 282

वंदना सिंह 183

कृष्णानंद 250

कुसुमलता 182

यशवीर सिंह चौहान 54

शशिबाला श्रीवास्तव 256

संपूर्णानंद तिवारी 31

मंजू सिंह 14

शुभम सिंह 273

संतोष कुमार यादव 87

अनुराधा गोस्वामी 190

श्वेता सिंह 02



ओबीसी वर्ग

शिखा यादव

प्रियंका

सुनीता यादव

आकृति गुप्ता

शैलेश कुमार यादव

रोमी पटेल

संतोष कुमार यादव

हरिओम यादव

अर्चना कुशवाहा

बबिता यादव

प्रदीप कुमार

सुरेश बहादुर राम

गौरव सिंह

प्रियंका कुशवाहा

संजय वर्मा

अतुल वर्मा

महेश कुमार

संदीप पटेल

हेमंत कुमार

दीक्षा यादव

ओमप्रकाश गुप्ता

शीला यादव

धीरज गुप्ता

कमलेश सिंह

सीता राम सिंह

दीक्षा कुश्वाहा

प्रदीप प्रजापति

दीपांशु जायसवाल

मनीष कुमार

नीलिमा यादव

साधना सिंह

प्रतिभा

वंदना चौधरी









मंगलवार, 23 फ़रवरी 2021

मिगसन ग्रुप लखनऊ प्रोजेक्ट में 500 करोड़ रुपये का निवेश करेगा (Migsun to invest Rs 500 crore in Lucknow project)



प्रॉपर्टी टर्मिनल :  रियल्टी डेवलपर मिगसन लखनऊ में एक आवासीय और वाणिज्यिक परियोजना में 500 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। 

आवासीय परियोजना लखनऊ में गोमतीनगर विस्तार में मेंदाता अस्पताल के पास तैयार होनी है। इसमें करीब 1000 फ्लैट्स बनेंगे। जबकि कमर्शल परियोजना शहीद पथ के पास चार लाख वर्ग फुट में तैयार की जाएगी। 

इसकी पुष्टि मिसगन ग्रुप के एमडी यश मिगलानी ने की है। उनका कहना है कि यूपी की राजधानी लखनऊ में क्वॉलिटी प्रॉजेक्ट की बहुत डिमांड है। हम इस पर तेजी से काम कर रहे हैं। ताकि लोगों को बदलती जीवनशैली के अनुरूप स्मार्ट होम दे सकें। यह हमारा दायित्व है कि हम सकारात्मक सोच के साथ इंडस्ट्री में काम करें।  हाल ही में मिसगन ग्रुप ने अंसल आईटी सिटी पार्क (एसईजेड) टेक जोन, ग्रेटर नोएडा में एचडीएफसी और अंसल की हिस्सेदारी के अधिग्रहण की घोषणा की है, जहां वह वाणिज्यिक, आईटी और औद्योगिक के साथ 37.5 एकड़ मिश्रित उपयोग परियोजना विकसित करेगी।  समूह अगले वर्ष में छह परियोजनाओं में 4000 अपार्टमेंट और कमर्शल संपत्ति सौंप देगा। 



रविवार, 21 फ़रवरी 2021

लखनऊ : 30% तक सस्ते होंगे अवध विहार योजना और वृंदावन योजना के फ्लैट्स (UPHDB to give 30% discount on flats in Avadh Vihar, Vrindavan Yojana)



मार्च-2021 से लागू हो सकता है छूट का ऑफर

प्रॉपर्टी टर्मिनल: उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद जल्द ही अपनी राजधानी लखनऊ में अवध विहार योजना और वृंदावन योजना के फ्लैट्स पर तीस प्रतिशत छूट की घोषणा करेगा। परिषद इस प्रस्ताव को मार्च के पहले सप्ताह में होने वाली बोर्ड बैठक में रखेगा।

अवध विहार योजना और वृंदावन योजना मे रेडी टू मूव करीब 1443 फ्लैट्स खाली है। यह फ्लैट चार साल पहले बनकर तैयार हो गए थे, लेकिन अब तक बिके नहीं थे। केवल इन दो प्रॉजेक्ट को पूरा करने में 850 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे।

उत्तरप्रदेश आवास एवं विकास परिषद के वित्त नियंत्रक धर्मेंद्र वर्मा इन बचे हुए फ्लैट्स को छूट देकर बेचने का डिटेल प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन फ्लैट्स के निर्माण में ब्रैंडेड टाइल्स, मार्बल का गुणवत्ता युक्त कार्य किया गया है। इसके अलावा इन फ्लैट्स में लाइटिंग और वेंटिलेशन पर भी काफी ध्यान दिया गया है। यह फ्लैट्स प्राइवेट बिल्डर्स द्वारा बेचे जा रहे इसके समतुल्य फ्लैट्स की तुलना में बहुत ज्यादा अच्छे हैं।

यह वन बीएचके और टू बीएचके में उपलब्ध हैं। प्रचार और प्रसार कम होने के कारण हमे इन फ्लैटस के लिए बहुत खरीददार अब तक नहीं मिले हैं। 

गुरुवार, 18 फ़रवरी 2021

गाय को बचाने में सार्थक होगी गो विज्ञान परीक्षा

 

मत्सय, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत गठित कामधेनु आयोग 25 फरवरी को गाय पर एक एग्जाम करवाने जा रहा है। कामधेनु गो विज्ञान प्रचार प्रसार परीक्षा को पास करने पर सफल अभ्यर्थी को प्रमाणपत्र और कैश इनाम में दिया जाएगा। एग्जाम का उद्देश्य गाय को सिर्फ राष्ट्रीय स्तर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है। इस एग्जाम में आने वाले प्रश्न बेहद जानकारी परक है। देशी गाय और विदेशी गाय के अंतर, वेदों में गाय की भूमिका और महत्व जैसे कई प्रमुख विषय पर सवाल पूछे जाने हैं। कामधेनु आयोग की तरफ से की गई यह पहल सराहनीय है। इससे निकट भविष्य में सरकार गो विज्ञान को पाठ्यक्रमों में शामिल भी करेगी।

मेरा मानना है कि गाय के बारे में देश के सभी नागरिकों को जानकारी होनी ही चाहिए। बचपन से ही हमें गाय पर जानकारी देने के लिए स्कूलों में निबंध लिखना सिखाया जाता रहा है। शायद ही ऐसा कोई व्यक्ति हो जिसने बचपन में गाय पर निबंध न लिखा हो। वैदिक काल से ही गाय को पूजनीय माना गया है। गाय को पशु कहना भी ठीक नहीं है। तभी तो वेदों में कहा गया है कि-

तिलं न धान्यम, पशुव: न गाव:

अर्थात तिल धान्य नहीं और गाय पशु नहीं है।

‘गो सर्व देवमयी, गो सर्व तीर्थमयी’

अर्थात गाय में सभी देवों के गुण समाय हुए हैं और सभी तीर्थ स्थल की महिमा व्याप्त है। मुस्लिम धर्मशास्त्री अल गजाली (1058-1111) के अनुसार भी गाय का दू स्वास्थ्य वर्धक, उसका घी औषधि और मांस बीमारी देने वाला है। ज्ञात हो कि भारत में करीब 54 प्रकार की देशी गाय की प्रजातियां हैं। देशी गाय विदेशी गायों की तुलना में बहुत ही उपयोगी है। देशी गाय का दूध जहां शिशुओं के लिए लाभकारी होता है, वहीं विदेशी गाय का दूध नुकसानदायक होता है।

भारत में भले ही देशी और विदेशी गाय के दूध में अंतर न किया जाता हो, लेकिन अमेरिका में इस अंतर को A1 और A2 में वर्गीकत किया गया है। इसके मुताबिक देशी गाय से मिलने वाला दूध A2 कहलाता  है, जबकि विदेशी गाय का दूध A1 कहा जाता है। A2 दूध में बीटा केसीन की मौजूदगी रहती है।  जोकि कई रोगों में फायदेमंद होता है। जबकि जर्सी और एचएफ गाय से मिलने वाले दूध A1 में बीटा केसीन का यह अनुवांशिक रूप नहीं होता है।  विदेशी गाय के दूध में मिलने वाला बीटा कैसोमोर्फिन 7(BCM7) नामक रसायन कैंसर, मधुमेह, ह्रदय रोग और अस्थमा जैसे रोगों के लिए जिम्मेदार है।

देशी गाय के दूध की गुणवत्ता प्रथ्वी पर सबसे अच्छी है, हालांकि इसकी उत्पादकता विदेशी गाय की तुलना में कम है। देशी गाय के पंचगव्य का प्रयोग वेदों में बताया गया है, साथ ही वैज्ञानिक शोध में भी इसकी पुष्टि हुई है। वहीं विदेशी गाय का गोबर और मूत्र प्रयोग लायक नहीं होता है। जबकि देशी गाय का गोबर और मूत्र के प्रयोग को आयुर्वेद में औषधि के रूप में बताया गया है। इसके अलावा भारतीय गाय के दूध में ओमेगा-3 का उच्च स्तर होता है, जो कॉलेस्ट्राल को साफ रखता है, वहीं विदेशी गाय के दूध में कॉलेस्ट्रॉल पर कोई सकारात्मक प्रभाव नहीं होता है, बल्कि यह खराब कॉलेस्ट्रॉल को बढ़ाने के रूप में जाना जाता है।

भारतीय गाय के दूध में मौजूद सेरेब्रोसिड्स मस्तिष्क की शक्ति को बढ़ता है। इसमें मौजूद स्ट्रोंटियम शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ता है। इसका दूध, दही, घी, गोबर, मूत्र सभी में औषधीय गुण होते हैं। देशी गाय की पहचान उसका पीठ में उठा हुआ कूबड़, गले के नीचे लटकती खाल (गलकम्ब) होता है। इसका कूबड़ सूर्य से विटामिन डी अवशोषित कर अपने दूध में छोड़ने के लिए जाना जाता है। यही वजह है कि सिर्फ गाय के दूध में ही विटामिन डी पाया जाता है। विदेशी गाय में यह नहीं होता है।

चरक संहिता में कहा गया है कि कुष्ठ रोग, खुजली, प्लीहा, कृमि रोग, ब्रेन, ट्यूमर  जैसे रोग जल की अशुद्धि एव अशुद्ध खाद्य से होते हैं। इन रोगों के निवारण में गो मूत्र अत्यंत लाभकारी बताया गया है। 

बुधवार, 3 फ़रवरी 2021

मानसून की पूर्व जानकारी देने वाला उत्तर भारत का रहस्यमयी जगन्नाथ मंदिर












कानपुर : उत्तरप्रदेश में कानपुर जिले के भीतरगांव ब्लॉक के बेहटा बुजुर्ग गांव का यह मंदिर रहस्यमयी धरोहर है।  उत्तर भारत में दक्षिण शैली का बना यह एक मात्र मंदिर है। मंदिर के अंदर नायाब शिल्पकला में निर्मित भगवान जगन्नाथ की काफी ऊंचे सिंघासन में विराजमान प्रतिमा है। सिंघासन का निचला हिस्सा शिवलिंग के अरघे के आकार का है। इस मंदिर को मानसून मंदिर भी कहा जाता है। मंदिर की छत से टपकने वाली पानी की बूंदों का रहस्य अनोखा है। भीषण गर्मी में गर्भ गृह की छत पर लगे एक विशेष पत्थर से इन बूंदों का टपकना और बरसात आते ही सूख जाना किसी आश्चर्य से कम नहीं है। मानसून आने के आठ दिन पहले ही टपकने वाली ये पानी की बूंदे मानसून आने का संकेत देती हैं। गांव के लोगों की मानें तो इन बूंदों का आकार बताता है कि मानसून अच्छा रहेगा या कमजोर।  इस इलाके में काफी समय से काम कर रहे लोगों का भी कहना है कि मंदिर को लेकर उनका अटूट विश्वास है।

यह मंदिर बाहर से बौद्ध स्तूप जैसा दिखाई देता है। मंदिर के ऊपर बने दो कलशनुमा शिखरों को देखने पर यह एक रथाकर चित्र बनाते हैं। इसके अलावा मंदिर के बाहरी हिस्से को अगर ध्यान से देखें तो यह कमल की पंखुड़ियों से घिरा दिखेगा।  मंदिर के शिखर पर एक लौह चक्र है। यह चक्र मंदिर निर्माण के समय लगाया गया होगा। लोहे का होने के बावजूद आज तक इसमें जंग नहीं लगा। भारतीय पुरातत्व विभाग से यहां तैनात सुबोध शुक्ला की मानें तो यह चक्र उसी लोहे से बना है, जिससे दिल्ली के महरौली में लौह स्तंभ बनाया गया है। इस मंदिर के निर्माण और समय को लेकर कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है।

 विशेष धार्मिकऐतिहासिक और भौगोलिक तथ्यों से भरा ये मंदिर 21वीं सदी के विज्ञान के लिए बड़ी चुनौती है।अलग-अलग देशों से कई इतिहासकार, वैज्ञानिक यहां चुके हैं, लेकिन कोई इसके पीछे के राज का खुलासा नहीं कर सका है। भारतीय पुरातत्व ने कार्बन डेटिंग से इस मंदिर का निर्माण नवीं शताब्दी में होने की बात कही है।