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बुधवार, 13 जनवरी 2021

अस्थमा रोगियों के लिए फायदेमंद पीपल की पत्तियों का चूर्ण

लखनऊ: आयुर्वेद में लंबे समय से पीपल की पत्तियों का इस्तेमाल किया जाता है। कई ऐसी दवाईयां हैं, जिसमें पीपल की पत्तियों और फलों का इस्तेमाल किया जाता है। पीपल के प्रयोग से घाव, सूजन, दर्द से आराम मिलता है। पीपल खून को साफ करता है। पीपल की छाल मूत्र-योनि विकार में लाभदायक होती है। पीपल की छाल के उपयोग से पेट साफ होता है। गर्भधारण करने में मदद करता है। अस्थमा रोगियों के लिए भी पीपल की पत्तियां काफी फायदेमंद हो सकती हैं। इसके लिए पीपल की कुछ पत्तियों को अच्छी तरह सुखा लें। इसके बाद इन्हें पीसकर पाउडर बना लें। इस पाउडर को दूध में उबाल कर पिएं। इसमें आप शहद या चीनी मिक्स कर सकते हैं। डॉक्टर की सलाह के बाद अस्थमा की परेशानी बढ़ने पर दिन में दो बार इसका सेवन भी किया जा सकता है। सुजाक, कफ, डायबीटीज, ल्यूकोरिया, सांसों के रोग में भी यह लाभ पहुंचाती है। आइए विस्तार से इससे होने वाले लाभ के बारे में जानते हैं।

आंखों के दर्द से मिलेगी राहत

अगर आपके आंखों में जलन और दर्द की परेशानी है, तो आप पीपल की पत्तियों का इस्तेमाल कर सकते हैं। आंखों की समस्या से राहत पाने के लिए आप पीपल की पत्तियों को दूध में मिलाएं और इसे उबालें। इस दूध को पीने से आंखों की समस्या से काफी राहत मिलेगा। इसके अलावा आप पीपल की पत्तियों को पीसकर आंखों में लगाएं। इससे आपकी आंखों को ठंडक मिलेगी। 

पेट-दांत दर्द से मिले राहत

पीपल में ऐंटी-इन्फ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक गुण होते हैं, जो दर्द निवारण गुण हैं। इससे कई तरह के दर्द व सूजन से राहत मिल सकती है। पेट की समस्याओं में पीपल की पत्तियों को पानी में उबालकर दिन में दो बार पिएं। इससे पेट की परेशानी से राहत मिलेगी। अगर दांत में दर्द हो रहा है, तो पीपल के तने से ब्रश करें। दांतों में कीड़ें हैं या फिर मुंह से बदबू आती है, तो पीपल की कच्ची जड़ का इस्तेमाल करें। इन जड़ों को अपने दांतों में रगड़ें। इससे दांतों में कीड़े की परेशानी दूर होगी। 

पीलिया

पीपल का औषधीय गुण पीलिया जैसी बीमारी को भी खत्म कर सकता है। पीपल की पत्तियों में फ्लेवोनॉइड, स्टेरोल्स जैसे बायोएक्टिव यौगिक पाए जाते हैं। अगर पीपल की दो से तीन पत्तियों को दिन में दो बार पानी और चीनी के साथ सेवन किया जाए, तो पीलिया की समस्या में लाभ हो सकता है।

लिवर के लिए

कुछ दवाओं के सेवन से कभी-कभी लिवर को हानि पहुंच सकती है। ऐसे में लिवर के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए पीपल पर भरोसा किया जा सकता है। पीपल में हेपोप्रोटेक्टिव क्रिया (लिवर को डैमेज होने से बचाने वाली एक क्रिया) पाई जाती है। अर्क का उपयोग करने से लिवर को खराब होने से बचाया जा सकता है।

रक्त को शुद्ध करने में

आयुर्वेद में पीपल की पत्तियों को रक्त की अशुद्धता को दूर करके, त्वचा रोग को ठीक करने के लिए लिए इस्तेमाल किया जाता है। पीपल की पत्तियों में ऐंटी-बैक्टीरियल और ऐंटी-वायरल गुण पाए जाते हैं और एक वैज्ञानिक शोध के आधार पर यह भी बताया गया कि पीपल की पत्तियों के अर्क को पीने से रक्त शुद्ध हो सकता है।