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मंगलवार, 2 जून 2020

Remove China Apps वायरल, 50 लाख से ज्यादा डाउनलोड

Remove China Apps वायरल, 50 लाख से ज्यादा डाउनलोड




चीनी ऐप्स को ऐंड्रॉयड फोन में पहचानने और डिलीट करने का दावा करने वाले ऐंड्रॉयड ऐप Remove China Apps देश में वायरल हो गया है। फिलहाल यह ऐप गूगल प्ले के टॉप फ्री ऐप्स की लिस्ट में अपनी जगह बना चुका है और अभी तक 50 लाख से ज्यादा बार इसे डाउनलोड किया जा चुका है। 17 मई से अब तक 50 लाख डाउनलोड का यह आंकड़ा इस ऐप की लोकप्रियता दिखाता है। कोरोना वायरस महामारी और भारत-चीन बॉर्डर पर विवाद जैसे कई कारणों के चलते देशभर में चीन के खिलाफ रोष है।



Remove China Apps क्या है?
Remove China Apps के डिवेलपर्स का दावा है कि ऐप को ऐजुकेशनल पर्पज के लिए डिवेलर किया गया है। यह ऐंड्रॉयड फोन यूजर्स को उनके फोन में इंस्टॉल ऐप्स के ओरिजिन देश को पहचानने में मदद करता है। हालांकि, जैसा कि नाम से पता चलता है यह सिर्फ चीनी कंपनियों द्वारा डिवेलप किए गए ऐप्स को पहचानने में मदद करता है और यूजर्स चाहें तो 'Remove China Apps के जरिए चीनी ऐप्स को अनइंस्टॉल कर सकते हैं। 

गौर करने वाली बात है कि 17 मई को गूगल प्ले पर लाइव होने वाले इस ऐप को अभी तक 50 लाख से ज्यादा यूजर्स डाउनलोड कर चुके हैं। गूगल प्ले पर इस ऐप को 4.9 रेटिंग के साथ अधिकतर पॉजिटिव रिव्यूज मिले हैं। इस ऐप को OneTouch AppLabs ने बनाया है। इसका दावा है कि यह जयपुर की कंपनी है और इसकी डोमेन ओनर साइट Whois के अनुसार इसकी वेबसाइट 8 मई को बनाई गई। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर डाउनलोड करने के लिए मुफ्त उपलब्ध है। खास बात है कि ऐप को इस्तेमाल करने के लिए लॉगइन की जरूरत नहीं होती और यूजर्स अपने ऐंड्रॉयड फोन में चीनी ऐप्स को पहचानने के लिए Scan का विकल्प चुन सकते हैं।


अपने फोन से चीनी ऐप्स को ऐसे करें डिलीट
गूगल प्ले स्टोर से 'Remove China Apps' डाउन

शनिवार, 25 जनवरी 2020

Republic Day 2020: गणतंत्र दिवस पर ब्राजील के राष्ट्रपति होंगे मुख्य अतिथि जेयर बोलसोनारो


गणतंत्र दिवस पर ब्राजील के राष्ट्रपति होंगे मुख्य अतिथि जेयर बोलसोनारो


इस बार 26 जनवरी (26 January) को भारत के मुख्य अतिथि ब्राजील (Brazil) के राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो (Jair Bolsonaro) होंगे। इस बार देश 71वां गणतंत्र दिवस (Republic Day) मना रहा है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो को ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान निमंत्रण दिया था। वहीं पिछले साल गणतंत्र दिवस पर भारत के मुख्य अतिथि दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा थे।  जेयर बोलसोनारो को 2018 में ब्राजील का राष्ट्रपति नियुक्त किया गया था और उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 1988 में की थी. 

हर साल की तरह इस बार भी हम अपना गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को मनाने के लिए तैयार हैं। इस साल हम अपना 71वां गणतंत्र दिवस सेलिब्रेट करने जा रहे हैं। इस खास दिन के लिए देश की राजधानी दिल्ली समेत देश के कोने-कोने में तैयारियां जोरो-शोरो पर हैं। स्कूल-कॉलेजों में इस दिन आयोजित होने वाले प्रोगाम के लिए स्टूडेंट्स तैयारियों में जुटे हैं। इन सबके बीच में आपके मन ये सवाल आता होगा कि आखिर 26 जनवरी को ही हम ‘रिपब्लिक डे  (Republic Day 2020) क्यों मनाया जाता है।  तो आइये जानते हैं। दरअसल भारत की संविधान सभा ने 26 नवंबर 1949 में भारत के संविधान को स्वीकार किया था, जबकि 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान पूरे देश में लागू हुआ था। इसी उपलक्ष्य में हर साल गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। 26 जनवरी का दिन इसलिए चुना गया क्योंकि 26 जनवरी 1929 को अंग्रेजों की गुलामी के विरुद्ध कांग्रेस ने ‘पूर्ण स्वराज’ का नारा दिया था। इसके बाद से ही इस दिन को चुना गया था।

दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान
भारत के आजाद होने के बाद संविधान सभा का गठन हुआ था। संविधान सभा ने अपना काम 9 दिसंबर 1946 से शुरू किया। दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान 2 साल, 11 माह, 18 दिन में तैयार हुआ। संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को 26 नवंबर 1949 को भारत का संविधान सौंपा गया, इसलिए 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में प्रति वर्ष मनाया जाता है।   इसमें 448 आर्टिकल और 12 अनुसूचियां हैं। अब तक इसमें 100 अमेंडमेंट किए जा चुके हैं। भारत के संविधान को हिंदी और इंग्लिश में हाथ से लिखा गया था। इसकी ओरिजिनल कॉपी पार्लियामेंट की लाइब्रेरी में हीलियम से भरे केस में रखी हुई है।

जानें कुछ अन्य अहम तथ्य
- 26 जनवरी 1950 में इस दिन ही भारत सरकार अधिनियम (एक्ट) (1935) को हटाकर भारत का संविधान लागू किया गया था।
- 26 जनवरी 1950 को सुबह 10.18 बजे भारत एक गणतंत्र बना। इस के छह मिनट बाद 10.24 बजे राजेंद्र प्रसाद ने भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी।
-  इस दिन पहली बार बतौर राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद बग्गी पर बैठकर राष्ट्रपति भवन से निकले थे। इस दिन पहली बार उन्होंने भारतीय सैन्य बल की सलामी ली थी। पहली बार उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया था।