सोमवार, 21 अक्टूबर 2019

टॉपटेन हिंदी ब्लॉगर

1. Gayni Pandit

इस Blog के Founder Mayur K है जिन्होंने Blogging के जरिये Motivational ज्ञान को हिंदी भाषा में प्रदान करने में बहुत बड़ा योगदान दिया है। इस blog पर आने वाला हर इंसान Motivated हो जाता है। इस Blog पर आपको कई विषयों पर Motivational जानकारी मितली है।


2. Deepawali

यह एक all in One Blog है जहाँ पर आपको कई सारे विषयो पर जानकारी दी जाती है। इस ब्लॉग ने भी हिंदी भाषा में बड़ी मात्रा में सामाग्री को इंटरनेट पर उपलब्ध करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।



3. Achhi Khabar

इस Blog के फाउंडर Gopal Mishra है जिन्होंने 2010 में इस Blog को बनाकर अपनी Blogging की शरुवात की थी। इस ब्लॉग का उद्देश्य अपने Readers को Valuable Content प्रदान करना है और इनके ब्लॉग ने 1 लाख Per Day Page View का टारगेट achieve किया है।



4. Hindi ki Duniya

यह ब्लॉग कई विषयो पर आधारित है जो हिंदी में जानकारी प्रदान करने का काम करता है जैसे निबंद, भाषण, लेख, कविता और त्योहार आदि यह इंडिया में काफ़ी पढ़ा जाने वाला ब्लॉग है जिसका अंदाजा आप इसके Alexa Rank को देखकर लगा सकते है।



5. Catch How

यह ब्लॉग famous Youtuber manoj saru ने 2016 में शरू किया था इस blog की ख़ास बात है कि यहाँ पर आपको हिंदी article पढ़ने के साथ Video देखने को भी मिल जाती है। इन्होंने अपनी blogging और Youtube Channel की शरुवात एक छोटे से लैपटॉप से की थी और इंटरनेट चलने के लिए 2G मोबाइल का इस्तेमाल करते थे और आज एक बहुत बड़े Youtuber और Blogger है।


6. Hindi Soch

पवन कुमार जो बुलंदशहर(उत्तर प्रदेश) के रहने वाले है उन्होंने हिंदी सोच ब्लॉग को 2013 में शरू किया था इनका उदेश्य है कि वह अपनी मात्र भाषा हिंदी के प्रति लोगों के बीच जागरूकता पैदा कर सके। पवन कुमार बहुत बड़े ब्लॉगर है और उनका सपना है की वह एक बड़े वैज्ञानिक बना चाहते है।

7. Hindi me

जब भी आप इंटरनेट पर Technology से Related कुछ भी सर्च करते है तो आपको यह ब्लॉग सबसे ज्यादा देखने को मिलता है। यह एक बेहतरीन ब्लॉग है जो टेक्नोलॉजी के साथ कई सारे विषयो पर लिखता है और इस ब्लॉग के पोस्ट आमतौर पर गूगल में पहले रैंक पर मिलते है इस ब्लॉग के Founder Chandan है और साथ ही दो Co-Founder Sabina और Prabhanjna है।


8. Support Me India

हिंदी ब्लॉगर इस ब्लॉग के बारे में नही जानते हो ऐसे होना शायद असंभ है यह ब्लॉग Jumedeen khan ने 2015 में शरू किया था जो अलवर राजस्थान(इण्डिया) के रहने वाले है। इस ब्लॉग पर वह blogging और SEO(Search Engine Optimization) के बारे में हिंदी में जानकारी देते है इस ब्लॉग का उद्देश्य है कि वह नये bloggers को वह जानकारी प्रदान कर सकते जिसे वह internet से online पैसे कमा सके।


9. My Big Guide

इस ब्लॉग के Owner Abhimanyu Bharadwaj है। जिन्होंने इस ब्लॉग को 2014 में शरू किया था वह इस blog पर हिंदी में Computer और Technology की जानकारी प्रदान करते है। इनका Youtube Channel भी है यह Blog Computer सिखने वाले Student के लिए काफ़ी हेल्पफुल Content पब्लिश करते है।


10. 1Hindi

One Hindi ब्लॉग जिसके फाउंडर बिजय कुमार है। वह इस ब्लॉग पर Health टिप्स से लेकर पर्सनल development हर तरह की जानकारी देते है।



























सोमवार, 11 जून 2018

मेरी तीसरी बद्रीनाथ यात्रा

इस बार मेरी तीसरी बद्रीनाथ यात्रा थी। 2008, 2012 और अब 2018 की। इस बार की यात्रा पिछली यात्राओं की तुलना में ज्यादा सुखद थी। क्योंकि सड़कें काफी अच्छी थी। लेकिन जोशीमठ में जो 12-13 किलोमीटर लंबा जाम मिला उसने मन को विचलित कर दिया। हालांकि इसकी वजह जाम नहीं था, बल्कि गाड़ियों से निकलने वाला काला धुंआ था। हरे भरे पहाड़ों के बीच कार्बन मोनोऑक्साइड का जो गुबार महसूस किया, उसने सोचने पर मजबूर कर दिया कि अब लोग शांति और स्वस्थ हवा के लिये किस हिल स्टेशन जाएंगे। क्योंकि बद्रीनाथ, केदारनाथ जैसी दुर्गम यात्राएं भी अब आसानी से की जा सकती हैं। यात्रा सुगम होना तो ठीक होता है, लेकिन इससे हम उन जगहों को भी प्रदूषित कर देते हैं, जहां प्रकति अपने को सुरक्षित रखने का प्रयास करती है।
 इन जगहों पर भी तेजी से आबादी बढ़ रही है। नतीजन अब पहाड़ों पर पहले की तुलना में खेती भी बढ़ी है। पहाड़ों पर कन्टूर फर्मिंग ( सीढ़ी नुमा खेत ) होती है। इसलिये यहां के लोगों ने भी पहाड़ों को काटना पहले से ज्यादा कर दिया है।
पहाड़ों पर सालों से खड़े चीड़, अखरोट, बादाम, सेब और ना जाने कितनी प्रजातियों के पेड़ बड़ी संख्या में सड़क बनाने के लिये काटे जा रहे हैं। यह काम अब यहां निरन्तर हो रहा है। चीड़ का एक पेड़ तैयार होने में 15 से 20 साल लगते हैं। लेकिन कटाई में कोई पैमाना लागू नहीं होता है। देश का यह हाल तब है, जब प्रदूषण के नुकसान रोजाना सामने आते जा रहे हैं । नई टिहरी की आबादी पुरानी टिहरी से कही ज्यादा है। हमने अपनी यात्रा में देश का सबसे बड़ा डैम टिहरी भी देखा।  टिहरी डैम वाकई अद्भुत है। कई किलोमीटर तक फैले इस डैम के ऊपर एक छोटा ब्रिज भी है। इस ब्रिज से सिर्फ 8 टन की पासिंग है। यानी सिर्फ छोटी गाड़ियां ही निकलती है। ब्रिज में एक बार में एक गाड़ी ही जाती है। दूसरे के लिए जगह नहीं है। नीचे डैम में पानी भरा है। यह डैम पहाड़ों के बीच में है। ठीक वैसे ही जैसे केदारनाथ के ऊपर रास्ता अवरुद्ध होने से कृत्रिम झील का निर्माण हुआ था। वहां के लोगों की मानें तो अगर कभी यह डैम टूटा तो दिल्ली की सड़कों में 5 फुट तक पानी भर जाएगा। खैर.. यह ब्रिज आपको इस रास्ते में तभी मिलेगा जब आप गंगोत्री से बद्रीनाथ सीधे आएंगे। यानी गंगोत्री से वापस रुद्रप्रयाग नहीं आना है। बल्कि गंगोत्री से केदार जाने वाला रास्ता लेना होगा और बद्रीनाथ आना होगा। यह रास्ता काफी सूनसान है। यहां भालू अक्सर दिख जाते हैं। हालांकि रिस्की भी है। चलती गाड़ी में इनसे खतरा नहीं है। लेकिन रुकने पर कुछ भी हो सकता है। 2008 और इस बार की यात्रा में सबसे बड़ा अंतर सड़कों का था। तब सड़क संकरी थी और अब तो 2 वे है। कुल मिलाकर प्रकति के साथ छेड़छाड़ बढ़ती जा रही है। जो खतरनाक है। हालांकि 2013 की त्रासदी ने प्रकति को उसके मूल स्वरूप में ला दिया था, लेकिन हमने उसको दुबारा आने की कि चुनौती दे दी है।

सोमवार, 19 जून 2017

शनिवार, 16 अप्रैल 2016

पेट के लिए फायदेमंद है दही


माना जाता है कि मनुष्य के भोजन में पिछले 4500 सालों से दही का प्रयोग होता आ रहा है। दही को सेहत के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। इसमें कुछ ऐसे रासायनिक पदार्थ होते हैं, जिसके कारण यह दूध की अपेक्षा जल्दी पच जाता है। जिन लोगों को पेट की परेशानियां जैसे- अपच, कब्ज, गैस की बीमारियां घेरे रहती हैं, उनके लिए दही या उससे बनी लस्सी, मट्ठा, छाछ का उपयोग करने से आंतों की गर्मी दूर हो जाती है। डाइजेशन अच्छी तरह से होने लगता है और भूख खुलकर लगती है। दही में एक ऐसा पदार्थ पाया जाता है जो रक्त में उपलब्ध कोलेस्ट्रोल को कम करता है, इसलिए यह हृदय रोग में लाभ पहुंचाता है। दही का समुचित मात्रा में सेवन प्रतिरोधी क्षमता का विकास करता है।

ये भी हैं फायदें

 

1- त्वचा को नर्म और साफ रखने के लिए दही में नींबू का रस मिलाकर चेहरे, गले व बाहों पर लगाने से त्वचा में चमक आती है।
2- दही में बेसन मिलाकर लगाने से त्वचा की सफाई हो जाती है। इस प्रयोग से मुंहासों में भी लाभ होता है।
3- दही में चोकर मिलाकर दस मिनट रखें। फिर इसे उबटन की तरह प्रयोग करें। इससे त्वचा को विटामिन ‘सी’ और ‘ई’ मिलता है। इससे चमक बनी रहती है।
4- दही में काली मिट्टी मिलाकर बाल धोने से बाल मुलायम, चमकीले व घने हो जाते हैं।
5- दही का रोजाना सेवन सर्दी और सांस की नली में होने वाले इंफेक्शन से बचाता है।
6- मुंह के छालों को कम करने के लिए दिन में कई बार दही की मलाई लगाएं। इसके अलावा शहद व दही की समान मात्रा मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से मुंह के छाले दूर हो जाते हैं।
7-दही में बेसन घोलकर बालों की जड़ों में लगाकर एक घंटे बाद सिर धो लें। इससे बालों की चमक लौट आएगी।

सावधानियां

1. शाम के भोजन और रात्रि में दही का सेवन नहीं करें।
2. विद्यार्थियों को परीक्षा के दिनों में दही का सेवन कम मात्रा में करना चाहिए। दही आलस्य लाता है।
3. खट्टा दही सेवन न करें। ताजे दही का प्रयोग करें।
4. सर्दी, खांसी, अस्थमा के रोगियों को भी दही से परहेज करना चाहिए।
5. त्वचा रोगों में दही का सेवन सावधानी पूर्वक डॉक्टर की सलाह लेकर करना चाहिए।
6. अर्श (पाईल्स ) के रोगियों को भी दही का सेवन सावधानीपूर्वक करना चाहिए।

शुक्रवार, 8 अप्रैल 2016

अरबी के भजिये खाएं, जोड़ों का दर्द भगाए


अरबी को अलग-अलग जगह कई नामों से जाना जाता है। अरबी को कभी कच्चा नहीं खाना चाहिए। इसकी पत्तियों और कंदों को भलि-भांति उबालकर ही उपयोग में लाना चाहिए।  इसकी पत्तियों को जलाकर उसकी राख को नारियल तेल में मिलाकर फोड़े-फुंसियों पर लगाने से लाभ होता है। अरबी के पत्तों में बेसन लगाकर भजिए बनाकर खाने से जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है। कोशिश होनी चाहिए कि अरबी की सब्जी बनाते समय कम तेल का प्रयोग करें। अरबी की सब्जी खाने के कई फायदे हैं। इसमें प्रचुर मात्रा में सोडियम, मैग्नीशियम, विटामिन और एंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। अरबी खाने से गुर्दे, मांसपेशियां और शरीर की नसें सभी ठीक रहकर काम करती हैं।

अरबी खाने के फायदे


1. ब्लड प्रेशर और दिल से जुड़ी समस्याओं से बचाव के लिए


अरबी में सोडियम की अच्छी मात्रा पाई जाती है। इसके अलावा ये पोटैशियम और मैग्नीशियम के गुणों से भी भरपूर है, जिसके कारण यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखता है।  साथ ही ये तनाव दूर रखने में भी मददगार है।

2. कैंसर से बचाव के लिए

अरबी में विटामिन ए, विटामिन सी और एंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो कैंसर कोशिकाओं को विकसित होने से रोकते हैं।

3. मधुमेह के रोगियों के लिए भी फायदेमंद

अरबी में पर्याप्त मात्रा में फाइबर्स पाए जाते हैं।  अरबी खाने से इंसुलिन और ग्लूकोज की मात्रा का संतुलन बना रहता है।

4. वजन कम करने में सहायक

अरबी भूख को नियंत्रित करने का काम करती है।  साथ ही इसमें मौजूद फाइबर्स मेटाबॉलिज्म को सक्रिय बनाते हैं, जिससे वजन नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।

5 . त्वचा की सेहत

 अरबी की जड़ों में विटामिन ए और ई पाया जाता है। इसकी वजह से यह त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने में मदद करता है। इसमें मौजूद ये सभी विटामिन शरीर की त्वचा को लंबे समय तक सेहतमंद और चमकदार बनाए रखते है।


    

बुधवार, 6 अप्रैल 2016

पाचन क्रिया में पान फायदेमंद



पूजा-अर्चना हो या फिर बरातियों का स्वागत करना हो सभी में पान के पत्ते का इस्तेमाल किया जाता है। पान खाना पाचन क्रिया के लिए फायदेमंद है। ये सैलिवरी ग्लैंड को सक्रिय करके लार बनाने का काम करता है, जोकि खाने को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ने का काम करता है। कब्ज की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए भी पान की पत्ती चबाना फायदेमंद है।  गैस्ट्रिक अल्सर को ठीक करने में भी पान काफी फायदेमंद है। पान की पत्ती खाने में थोड़ी कसैली होती है, लेकिन इसे खाने वाले इसमें सुपारी, कत्था, चूना और दूसरी कई चीजें मिलाकर खाते हैं। आमतौर पर लोग इसे गलत आदत मानते हैं, लेकिन हर चीज की तरह इसके भी कुछ फायदे हैं। पान खाने वालों को हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि पान खाने के बाद कूड़ेदान का ही इस्तेमाल करें न कि किसी दीवार और सड़क का।

पान खाने के यह भी हैं फायदे


1. मुंह के स्वास्थ्य के लिए

पान के पत्ते में कई ऐसे तत्व होते हैं, जो बैक्टीरिया के प्रभाव को कम करने में सहायक होते हैं। जिन लोगों के मुंह से दुर्गंध आ रही हो उनके लिए पान फायदेमंद होता है।  पान खाने वालों के लार में एस्कॉर्बिक एसिड का स्तर भी सामान्य बना रहता है, जिससे मुंह संबंधी कई बीमारियां होने का खतरा कम हो जाता है।

2. मसूड़ों में सूजन या गांठ आ जाने पर

मसूड़े में गांठ या फिर सूजन हो जाने पर पान का इस्तेमाल काफी फायदेमंद होता है। पान में पाए जाने वाले तत्व इन उभारों को कम करने का काम करते हैं। इसके अलावा माथे पर पान के पत्ते का लेप करने से सिरदर्द दूर हो जाता है।

3. साधारण बीमारियों और चोट लगने पर

अगर आपको सर्दी है तो ऐसे में पान के पत्ते आपके लिए फायदेमंद रहेंगे। इसे शहद के साथ मिलाकर खाने से फायदा होता है।  साथ ही पान में मौजूद एनालजेसिक गुण सिर दर्द में भी आराम देता है। चोट लगने पर पान का सेवन घाव को भरने में मदद करता है।

4. थकावट दूर करता है

 पान के पत्तों के रस में शहद मिलाकर पीने से थकावट और कमजोरी दूर होती है। साथ ही यदि आपको जुकाम है तो पान में लौंग डालकर खाएं फायदा मिलेगा।

5. आठ हफ्तों में कम करे मोटापा

पान के पत्ते को काली मिर्च के दानों के साथ खाएं तो आठ हफ्तों में मोटापा कम होगा। काली मिर्च शरीर से मूत्र और पसीने को निकालती है। इससे शरीर से अत्यधिक पानी और गंदगी निकल जाती है। 

भूख बढ़ाता है जामुन



जामुन की प्रकृति अम्लीय और कसैली होती है, लेकिन इसका स्वाद खाने में मीठा होता है। अम्लीय होने के कारण जामुन को नमक के साथ खाया जाता है। इसके खाने से भूख बढ़ती है। जामुन में ग्लूकोज और फ्रक्टोज पाया जाता है। यह गर्मी के साथ ही बाजार में आने लगता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं। जामुन के सेवन से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। यह पाचन तंत्र के लिए भी लाभकारी है। बस एक बात का ध्यान रखें कि कभी भी खाली पेट जामुन का सेवन न करें। न ही कभी जामुन खाने के बाद दूध का सेवन करें। अधिक मात्रा में भी जामुन खाने से परहेज करें।

जामुन खाने के फायदें 



1. मुंहासे होने पर जामुन की गुठलियों को सुखाकर पीस लीजिए। इस पाउडर में रात को सोते समय गाय का दूध मिलाकर चेहरे पर लगाइए, इस लेप को सुबह ठंडे पानी से धो लीजिए।

2. विटामिन सी की कमी को दूर करने के लिए जामुन खाना अच्छा रहता है। बहुत कम लोगों को यह मालूम होगा कि जामुन में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

4. जामुन का सिरका बनाकर बराबर मात्रा में पानी मिलाकर सेवन करने से यह न केवल भूख बढ़ाती है, बल्कि कब्ज की शिकायत को भी दूर होती है।

5. जामुन में फ्लेवोनॉइड्स, फेनॉल्स, प्रोटीन और कैल्शियम भी पाया जाता है, जो सेहत के लिए लाभकारी होता है।

6. ग्लूकोज और फ्रक्टोज के रूप में मिलने वाली शुगर शरीर को हाईड्रेट करने के साथ ही कूल और रिफ्रेश करती है।

7. अगर आपको कमजोरी महसूस होती है या आप एनीमिया से पीड़ित हैं तो जामुन का सेवन आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

8. यदि आपको एसिडिटी की समस्या रहती है तो काले नमक में भुना जीरा मिलाकर पीस लें। फिर इसके साथ जामुन का सेवन करें। एसिडिटी की समस्या दूर हो जाएगी।

10. यदि आपका बच्चा बिस्तर गीला करता है तो जामुन के बीजों को पीसकर आधा-आधा चम्मच दिन में दो बार पानी के साथ पिलाएं।

11. गले के रोगों में जामुन की छाल को बारीक पीसकर सत बना लें। इस सत को पानी में घोलकर 'माउथ वॉश' की तरह गरारा करें। इससे गला तो साफ होगा ही, सांस की दुर्गंध भी बंद हो जाएगी और मसूढ़ों की बीमारी भी दूर हो जाएगी।

12. विषैले जंतुओं के काटने पर जामुन की पत्तियों का रस पिलाना चाहिए। काटे गए स्थान पर इसकी ताजी पत्तियों का पुल्टिस बांधने से घाव  ठीक होने लगता है क्योंकि, जामुन के चिकने पत्तों में नमी सोखने की अद्भुत क्षमता होती है।

शनिवार, 2 अप्रैल 2016

ठंडा पानी शरीर के लिए सिर्फ नुकसानदायक


20 डिग्री सेल्सियस से कम तापमान का पानी शरीर के लिए नुकसानदायक है। मनुष्य के शरीर का सामान्य तापमान 98.6 डिग्री फॉरेनहाइट यानी 37 डिग्री सेल्सियस होता है। ऐसे में अगर आप 20  डिग्री सेल्सियस से कम तापमान का पानी पीते हैं तो आपके शरीर में तापमान का एक बड़ा अंतर हो जाएगा। इस अंतर को कवर करने में आपके शरीर को एक अतिरिक्त ऊर्जा खर्च करनी पड़ेगी। जबकि यह उर्जा भोजन को पचाने के लिए खर्च होनी थी, ऐसे में ठंडा पानी आपके पाचन को भी प्रभावित करता है। यही वजह है कि जब भी हम ठंडा पानी पीते हैं तो उसे उसे निगलने में थोड़ा समय लगता है, क्योंकि पहले पानी मुंह में ही रहता है जब उसका तापमान सामान्य हो जाता है, तभी गला उसे नीचे उतारता है और अधिक समय तक ठंडा पानी पीते रहने से टॉन्सिल्स की समस्या उत्पन्न होती है।

ठंडा पानी पीने से होने वाले ये तीन बड़े नुकसान


1.  हृदय गति कम करता है 


 ठंडा पानी पीने से आपके हृदय की गति कम हो जाती है। अध्ययनों से पता चला है कि ठंडा पानी वेगस तंत्रिका को उत्तेजित करता है। वेगस तंत्रिका 10 वीं कपाल तंत्रिका है तथा यह शरीर के स्वायत्त तंत्रिका प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो शरीर के अनैच्छिक कार्यों को नियंत्रित करती है। वेगस तंत्रिका हृदय की गति को कम करने में मध्यस्थता करती है तथा ठंडा पानी इस तंत्रिका को उत्तेजित करता है। इसके कारण हृदय की गति कम हो जाती है।

 2. शरीर में पोषक तत्वों की कमी 


ठंडा पानी आपके भोजन की पाचन प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करता है, क्योंकि ठंडा पानी पीने से रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं। इससे पाचन की प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है। जब पाचन ठीक से नहीं होगा तो भोजन के पोषक तत्व भी शरीर में नहीं लगेंगे।

3. कब्ज की समस्या 


 ठंडा पानी पीने से शरीर में बनने वाले पाचक रस का तापमान भी कम हो जाता है। इससे भोजन के पाचन में कठिनाई होती है और ठंडे पानी से पेट की बड़ी आंत भी सिकुड़ जाती है जो कब्ज का मुख्य कारण है। जिन लोगों को अक्सर कब्ज की समस्या होती है उन्हें ठंडा पानी पीने से बचना चाहिए।

गुरुवार, 31 मार्च 2016

फूलों में छिपा है सेहत का खजाना

 फूलों में छिपा है सेहत का खजाना



फूलों से भी सेहत बनाई जा सकती है। जी हां, फूल सिर्फ खुशबू देने के लिए नहीं होते, बल्कि इनमें कई प्रकार के पोषक तत्व भी मौजूद होते है। ये पोषक तत्व कई बीमारियों को शरीर से दूर रखते हैं। फूलों में फाइबर, कैल्शियम, विटामिन, प्रोटीन और मिनरल का भंडार होता है, जिनकी जरूरत शरीर को होती है। आइए हम आपको बताते है कि किस फूल में सेहत के कितने राज छिपे हैं।

गुड़हल 


 गुड़हल का फूल विटामिन सी, कैल्शियम, वसा, फाइबर, आयरन का बढ़िया स्रोत है। मुंह के छाले में गुड़हल के पते चबाने से लाभ होता है। इसके अलावा गुड़हल के फूल का प्रयोग कॉलेस्ट्रॉल, मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर और गले के संक्रमण जैसे रोगों के इलाज में प्रयुक्त होने वाली दवाओं में किया जाता है।

गुलाब 


सुबह अगर खाली पेट गुलाबी गुलाब की दो पखुड़ियां खा ली जाएं तो दिन भर ताजगी बनी रहती है। क्योंकि गुलाब बेहद अच्छा ब्लड प्यूरिफायर है। अस्थमा, हाई ब्लड प्रेशर, ब्रोंकाइटिस, डायरिया, कफ, फीवर, हाजमे की गड़बड़ी में गुलाब का सेवन बेहद उपयोगी होता है। आंखों की जलन और खुजली दूर करने के लिए गुलाब जल का प्रयोग किया जाता है।

कमल

 कमल के फूल फोड़े-फुंसी को दूर करते हैं।  इसकी पंखुड़ियों को खाने से मोटापा कम होता है, रक्त विकार दूर होते हैं और मन प्रसन्न रहता है। इसकी पंखुड़ियों को पीसकर चेहरे पर मलने से सुंदरता बढ़ती है। इन फूलों के पराग से मधुमक्खियां शहद बनाती हैं।

मोगरा


यह गर्मियों का एक खुशबूदार फूल है। इन फूलों को अपने पास रखने से पसीने की दुर्गंध नहीं आती है। इसकी कलियां चबाने से महिलाओं को मासिक धर्म में होने वाली परेशानी कम होती है। मोगरे के फूल मसलकर स्नान करने से त्वचा में प्राकृतिक ठंडक का एहसास होता है। जिससे दिन भर ताजगी रहती है।

गेंदा


 - घरों में गेंदे का पौधा जरूर लगाना चाहिए, क्योंकि इसके फूलों को घाव भरने का सर्वश्रेष्ठ मरहम माना जाता है। गेंदे के फूलों को तुलसी के पतों के साथ पीस कर मलहम बनाया जाता है। चर्म रोग या शरीर के किसी हिस्से में सूजन आ जाने पर इन फूलों को पीसकर पेस्ट बनाकर लगाने से फायदा होता है। गेंदे के रस से कुल्ला करने पर दांत दर्द और कान में डालने से कान का दर्द ठीक होता है। हाल ही में हुई एक रिसर्च के मुताबिक गेंदे की महक से मच्छर दूर भागते हैं।

चमेली - 


खुशबू से भरे ये फूल बेहद नाजुक होते हैं। चमेली के फूलों से बना तेल चर्म रोग, दंत रोग, घाव आदि पर गुणकारी है। चमेली के पत्ते चबाने से मुंह के छालों में तुरंत राहत मिलती है। ये त्वचा और बालों के लिए उपयोगी है, रात को पानी में भिगो दीजिए, सुबह पीस लीजिए व गुलाब जल मिला दीजिए। इसे बालों में लगाने से चमक व चेहरे पर लगाने से त्वचा में निखार आता है।


बुधवार, 30 मार्च 2016

कच्चा पपीता खाएं, इम्यून सिस्टम रहेगा मजबूत



हमारे शरीर में जो भी बीमारियां होती है, उसका मुख्य कारण होता है शरीर का कमजोर इम्यून सिस्टम। इम्यून सिस्टम के कमजोर होने का मतलब है कि शरीर की रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता का घटना। शरीर की प्रतिरोधक क्षमता उसको मिलने वाले पोषक तत्वों पर निर्भर करती है। कच्चा पपीता और उसके बीज में बहुत सारा विटामिन ‘ए’, ‘सी’ और ‘ई’ होता है, जो कि शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है। कच्चा पपीता सर्दी और जुखाम में भी फायदा करता है। यह शरीर में बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है। पपीते का रस अरूचि, अनिद्रा, सिर दर्द आदि रोगों को ठीक करता है। यह कब्ज से छुटकारा भी दिलाता है। पेप्सिन नामक तत्व पके हुए पपीते के बजाए कच्चे पपीते में होता है, इससे पेट की कब्ज दूर होती है। इसके अलावा और भी कई तरीके हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत कर सकते हैं।

जिंक युक्त खाद्य पदार्थ लें

 जिंक ऐसा मिनरल है जो एंटीबॉडीज, टी-सेल्स व सफेद रक्त कणों में बढ़ोत्तरी कर इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है। एक शोध के अनुसार, जिंक की कमी होने पर शरीर बैक्टीरिया, वायरस व परजीवी द्वारा किए गए आक्रमणों से आपका बचाव नहीं कर पाता है। अमेरिकन नैशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के विशेषज्ञ डॉ. नोवेरा के अनुसार, जिंक उम्र के साथ होने वाले इम्यून सिस्टम की कमजोर होने की प्रक्रिया को धीमा करता है। योगर्ट, कद्दू के बीज में जिंक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होता है।

 खूब पिएं पानी

 प्रचुर मात्रा में पानी का सेवन किडनी की कार्यप्रणाली को चुस्त-दुरस्त रखने और शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने के लिए बहुत जरूरी होता है। इससे इम्यून सिस्टम में मजबूती आती है।

नींद पूरी लें

साल 2001 में पब्लिश स्लीप स्टडी के जर्नल सेमिनार्स के क्लीनिकल न्यूरोसाइकाइट्री के लेखकों के अनुसार आपके शरीर और मस्तिष्क के ठीक ढंग से काम करने के लिए 6-8 घंटे की नींद बहुत जरूरी है। अगर आप पर्याप्त नींद नहीं लेते तो इम्यून तंत्र कमजोर हो जाता है। इसलिए पूरी नींद लें।

पौष्टिक भोजन लें

 शरीर को स्वस्थ रखने के लिए स्वस्थ भोजन बहुत जरूरी है। इम्युनिटी को बेहतर बनाने में संपूर्ण और संतुलित आहार लें।  गहरे रंग की सब्जियों को इस्तेमाल ज्यादा करें।

तनाव कम लें

छोटी-छोटी बात पर तनाव न लें। तनाव अप्रत्यक्ष रूप से इम्यून सिस्टम को प्रभावित करता है। तनाव से पाचन तंत्र प्रभावित होने के कारण इम्यून सिस्टम कमजोर होने लगता है।

मोटापा कम करें

यूनिवर्सिटी ऑफ नार्थ कैरोलिना चैपल हिल स्कूल ऑफ़ मेडिसिन में हुए शोध के अनुसार, मोटापा प्रतिरक्षा प्रणाली के कार्य के बीच बाधा उत्पन्न करता है, जिससे संक्रमण का जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए अपनी इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए सबसे पहले अपने मोटापे को कम करें।

शनिवार, 26 मार्च 2016

युवाओं में मोटापा बढ़ना दिल के लिए खतरनाक





यदि आपकी उम्र 20 से 35 के बीच है और आप का वजन बढ़ रहा है तो सावधान हो जाइए। हाल ही में दिल की बीमारी पर की गई एक रिसर्च में पाया गया है कि अब ऐसे मोटे युवा दिल की बीमारी का शिकार हो रहे हैं, जो धूम्रपान करते हैं। साथ ही डायबिटीज और हाई ब्लडप्रेशर से ग्रस्त हैं। मुख्य शोधकर्ता एवं क्लीवलैंड क्लीनिक के समीर कपाड़िया के मुताबिक दिल की बीमारी से बचने के लिए हमें अपनी दिनचर्या में सुधार करना होगा। पिछले दो दशकों में भारत में बैड लाइफस्टाइल, तनाव, एक्सरसाइज ना करने और बैड फूड हैबिट्स की वजह से लोगों को दिल की गंभीर बीमारियां होने लगी है।

ये लक्षण बताएंगे दिल की बीमारी है या नहीं

पेट में दर्द- दिल संबंधी कोई भी गंभीर समस्या होने से पहले कुछ लोगों को मितली आना, हृदय में जलन, पेट में दर्द होना या फिर पाचन संबंधी दिक्कतें आने लगती हैं।
हाथ में दर्द होना- कई बार दिल के रोगी को छाती और बाएं कंधे में दर्द की शिकायत होने लगती है। ये दर्द धीरे-धीरे हाथों की तरफ नीचे की ओर जाने लगता हैं।
कई दिनों तक कफ होना- यदि आपको काफी दिनों से खांसी-जुकाम हो रहा है और थूक सफेद या गुलाबी रंग का हो रहा है तो ये हार्ट फेल का एक लक्षण है।
पसीना आना- सामान्य से अधिक पसीना आना खासतौर पर तब जब आप कोई शारीरिक क्रिया नहीं कर रहे तो ये आपके लिए एक चेतावनी हो सकती है।
पैरों में सूजन- पैरों में, तलवों में सूजन आने का मतलब ये भी हो सकता है कि आपके हार्ट में ब्लड का सरकुलेशन ठीक से नहीं हो रहा।

इनका इस्तेमाल करें तो दूर रहेगी दिल की बीमारी

खाने में सरसों के तेल का नियमित इस्तेमाल करें।
कच्चा लहसुन रोज सुबह खाली पेट छील कर खाएं।
सेब का जूस और आंवले का मुरब्बा खाएं। 
एक चम्मच शहद प्रतिदिन लें, दिल को मजबूती मिलेगी।
रोज 50 ग्राम कच्चा ग्वारपाठा खाली पेट खाने से भी कोलेस्ट्रॉल कम हो जाता है।
लौकी उबालकर उसमें धनिया, जीरा व हल्दी मिलाकर खाएं।
अनार के रस में मिश्री मिलाकर हर रोज सुबह-शाम पीने से दिल मजबूत होता है।
बादाम खाने से दिल सेहतमंद रहता है क्योंकि इसमें विटामिन और फाइबर भरपूर मात्रा में होता है।

गुरुवार, 24 मार्च 2016

डायबिटीज है तो पिएं खरबूजे का रस



यदि आपको डायबिटीज है तो खरबूजे का रस पिएं आपको लाभ मिलेगा। यह ब्लड में शुगर लेवल को निंयत्रित करता है। डायबिटीज के रोगियों के लिए खरबूजा एक औषधि की तरह काम करता है। इसके अलावा खरबूजे में प्रोटिन, कैल्शियम, मैग्नेशियम, पौटेशियम, क्लोरिन, सोडियम व सल्फर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। यदि आप पूरी गर्मी नियम से रोज एक खरबूजा खाएंगे तो आप में मैकुलर डीजेनेरेशन का खतरा 36 प्रतिशत तक कम हो जाएगा।  मैकुलर डीजेनेरेशन ढलती उम्र के साथ होने वाली समस्या है, जिससे आंखों की रोशनी भी जा सकती है। खरबूजा उच्च बीटा-कैरोटेन  उपलब्ध कराता है, जोकि मैकुलर डीजेनेरेशन को खत्म करने के लिए जरूरी है।


खरबूजा खाने के दस लाभ

- नियमित रूप से खरबूजे का सेवन करने वालों की किडनी स्वस्थ बनी रहती है। यह एंटी ऑक्सीडेंट के रूप में विटामिन का अच्छा स्रोत है।
- खरबूजा लंग कैंसर से हमारे शरीर की रक्षा करने में मदद कर सकता है। इसमें मौजूद विटामिन सी और बिटा- कैरोटेन मिलकर कैंसर रोकने में सहायक हैं।
- इसमें मौजूद पानी की ज्यादा मात्रा शरीर में पानी की कमी की भरपाई करता है। इसी वजह से हमारा शरीर गर्मियों में पसीने के रूप में शरीर से निकले पानी के भरपाई तुरंत कर लेता है।
- वजन कम करने के लिए भी खरबूजा बहुत अनुकूल फल है, क्योंकि इसमें काफी मात्रा कैलोरी या शुगर मौजूद होती है। जोकि वजन कम करने के लिए जरूरी है।
- इसके गूदे में मौजूद नारंगी रंग के रेशे या फाइबर काफी मुलायम होते हैं, जिन्हें कब्जियत की शिकायत रहती है, वे खरबूजा खाएं, तो उन्हें फायदा होगा।
-  डायबिटीज के रोगियों के लिए भी खरबूजा एक औषधि की तरह काम करता है। डायबिटीज से पीड़ित लोगों को खरबूजे का जूस पीना चाहिए। 
- खरबूजा विटामिन बीटा-कारोटीन के रूप में विटामिन ए उपलब्ध कराता है, जो आंखों के लिए विशेष लाभप्रद होता है।
- पुरानी खाज में खरबूजे का रस लाभदायक है। अगर आप लगातार खरबूजा खाएंगे तो त्वचा में रुखापन नहीं आएगा।
- खरबूजे में एडेनोसीन नामक एंटीकोएगुलेंट पाया जाता है, जो रक्त कोशिओं को जमने से रोकता है। रक्त कोशिकाओं के जमने से ही दिल की बीमारी होती है।
-  खरबूजा में विटामिन बी पाया जाता है। विटामिन बी शरीर में ऊर्जा के निर्माण में सहायक होता है।
-  अगर खरबूजे में नींबू मिलाकर इसका सेवन किया जाए तो इससे गठिया की बीमारी भी ठीक हो सकती है।
- आप अक्सर तनाव में रहते हैं तो गर्मियों में खरबूजा खाना न भूलें। क्योंकि खरबूजे में भरपूर मात्रा में पोटेशियम पाया जाता है।