शनिवार, 27 फ़रवरी 2021

दिल्ली में प्रॉपर्टी खरीदना हुआ सस्ता, केजरीवाल सरकार ने सर्किल रेट में 20 फीसदी की कमी की Delhi government notifies 20% reduced circle rates for land & immovable properties


प्रॉपर्टी टर्मिनल, नई दिल्ली :  दिल्ली में प्रॉपर्टी खरीदने की सोच रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। केजरीवाल सरकार ने रेजिडेंशियल, कर्मशल और इंडस्ट्रियल प्रॉपर्टी के सर्किल रेट 20 प्रतिशत कम कर दिए हैं। शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के उपराज्यपाल ने सर्कल दरों में दी जा रही छूट को अधिसूचित कर दिया है। घटा हुआ सर्किल रेट 28 फरवरी से 30 सितंबर 2021 तक जारी रहेगा। दिल्ली में सभी रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी को भारतीय स्टांप अधिनियम के तहत नए रेट पर रजिस्ट्रेशन के लिए कहा गया है। सर्किल रेट के 20 प्रतिशत कम होने से प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के समय स्टांप ड्यूटी में करीब एक प्रतिशत  की कमी आएगी। 

इस पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम कोविड काल के दौर में हुए आर्थिक नुकसान से अब धीरे-धीरे उबर रहे हैं। हमारी सरकार का यह कर्तव्य है कि वह आम आदमी पर वित्तीय बोझ को और कम करने के लिए सभी कदम उठाए। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि इस निर्णय से संपत्ति खरीदने के इच्छुक लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और इससे रियल एस्टेट क्षेत्र को एक बड़ा बढ़ावा मिलेगा। वहीं, राजस्व मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि सर्कल रेट में 20 प्रतिशत तक कमी करने का निर्णय अधिक से अधिक लोगों को अचल संपत्ति में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करेगा और रियल स्टेट में आई स्थिरता को दूर करेगा। 


गुरुवार, 25 फ़रवरी 2021

आवास विकास की अवध विहार योजना सेक्टर 7C की लॉटरी ड्रॉ का परिणाम

 


प्रॉपर्टी टर्मिनल : अवध विहार योजना में सेक्टर 7C में 128 वर्ग मीटर के भूखंड की लॉटरी का ड्रॉ 24 फरवरी को अवध शिल्पग्राम में सुबह 11 बजे हुआ। इसमें पड़ी लॉटरी के विजेताओं के नाम यहां दिए जा रहे हैं। लेकिन इसमें ओबीसी और जनरल का ही परिणाम दिया गया है। एससी/एसटी का परिणाम देखने के लिए आपको हमारा लाइव विडियो देखना होगा। 

इसके लिए आपको यू ट्यूब पर प्रॉपर्टी टर्मिनल चैनल सर्च करना होगा



सामान्य  वर्ग (MLA/MP/ Freedom fighter)

मुकेश मिश्रा 260

संभ्रात मिश्रा 206

अभिषेक कुमार पांडेय 63

गिरिजा शंकर तिवारी  213


सामान्य वर्ग (EX Govt. Serviceman)

अनिल कुमार सिंह 239

शैलेंद्र तिवारी 83

साकेत त्रिपाठी --

जयचंद्र मिश्रा 205


सामान्य वर्ग (जल बोर्ड)

मनीष कुमार कुलश्रेष्ठ 9


सामान्य सीनियर सिटिजन

हरीश चंद्र 18

गजिया बेग 15

आशारानी 270

अशोक कुमार शर्मा 191

चंद्र प्रकाश 232

श्री नारायन 74

राकेश जैन 195

आरपी सिंह 85

पदमा देवी 53


सामान्य दिव्यांग जन

आयुष कुमार 225

सुभाष चंद्र पांडेय 207

अरुण गुप्ता 269


सामान्य बिना आरक्षण

राजभानू शुक्ला 50

प्रगति त्रिपाठी 37

भावना कलानी 235

महेंद्र प्रताप सिंह 211

अभिनव त्रिपाठी 59

गोविंद प्रकाश गुप्ता 195

अमित कुमार उपाध्याय 279

शेखर ितवारी 236

शोभित निगम 33

अभय सिंह 199

जतिन कुमार 157

दिव्या सिंह 258

राखी सिन्हा -*

राकेश पाठक 252

कौशल किशोर राजपूत 72

श्वेता शुक्ला 254

स्नेहा त्रिपाठी 81

सत्यवती नंदन ित्रपाठी 43

सीता वैश्य 07

अक्षय सिंह कुशवाहा 12

मृत्युंजय कुमारी 30

मीनाक्षी पवन अग्रहरि 46

मंजू दुबे 34

शुचिता पांडेय -*

गीतांजली श्रीवास्तव 186

एसएन शुक्ला -*

स्मिता शुक्ला 52

शशि थौर गौर -*

हेमंत कुमार 77

शिवानी खेतान 233

प्रियंका तिवारी 41

सलोनी अवस्थी 267

राम गोपाल गुप्ता 03

अवजीत कुमार सिंह 76

दीपक कुमार 244

प्रशांत सिंह 73

पूनम शर्मा 249

प्रियंका चतुर्वेदी 22

रितु गुप्ता 27

राघवेंद्र सिंह 57

विष्णु कांत शुक्ला 204

प्रभा गुप्ता 216

अदिति उमराव 178

रुचि राय अभिषेक राय 35

नीलम शुक्ला 20

रमाकांत यादव -*

नदीम तैययब 221

विनय कुमार सिंह 179

सत्येंद्र कुमार 209

उत्कर्ष मिश्रा 276

आशुतोष कनौजिया 271

स्वपनिल गुप्ता 185

पवन प्रकाश त्रिवेदी 282

वंदना सिंह 183

कृष्णानंद 250

कुसुमलता 182

यशवीर सिंह चौहान 54

शशिबाला श्रीवास्तव 256

संपूर्णानंद तिवारी 31

मंजू सिंह 14

शुभम सिंह 273

संतोष कुमार यादव 87

अनुराधा गोस्वामी 190

श्वेता सिंह 02



ओबीसी वर्ग

शिखा यादव

प्रियंका

सुनीता यादव

आकृति गुप्ता

शैलेश कुमार यादव

रोमी पटेल

संतोष कुमार यादव

हरिओम यादव

अर्चना कुशवाहा

बबिता यादव

प्रदीप कुमार

सुरेश बहादुर राम

गौरव सिंह

प्रियंका कुशवाहा

संजय वर्मा

अतुल वर्मा

महेश कुमार

संदीप पटेल

हेमंत कुमार

दीक्षा यादव

ओमप्रकाश गुप्ता

शीला यादव

धीरज गुप्ता

कमलेश सिंह

सीता राम सिंह

दीक्षा कुश्वाहा

प्रदीप प्रजापति

दीपांशु जायसवाल

मनीष कुमार

नीलिमा यादव

साधना सिंह

प्रतिभा

वंदना चौधरी









मंगलवार, 23 फ़रवरी 2021

मिगसन ग्रुप लखनऊ प्रोजेक्ट में 500 करोड़ रुपये का निवेश करेगा (Migsun to invest Rs 500 crore in Lucknow project)



प्रॉपर्टी टर्मिनल :  रियल्टी डेवलपर मिगसन लखनऊ में एक आवासीय और वाणिज्यिक परियोजना में 500 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। 

आवासीय परियोजना लखनऊ में गोमतीनगर विस्तार में मेंदाता अस्पताल के पास तैयार होनी है। इसमें करीब 1000 फ्लैट्स बनेंगे। जबकि कमर्शल परियोजना शहीद पथ के पास चार लाख वर्ग फुट में तैयार की जाएगी। 

इसकी पुष्टि मिसगन ग्रुप के एमडी यश मिगलानी ने की है। उनका कहना है कि यूपी की राजधानी लखनऊ में क्वॉलिटी प्रॉजेक्ट की बहुत डिमांड है। हम इस पर तेजी से काम कर रहे हैं। ताकि लोगों को बदलती जीवनशैली के अनुरूप स्मार्ट होम दे सकें। यह हमारा दायित्व है कि हम सकारात्मक सोच के साथ इंडस्ट्री में काम करें।  हाल ही में मिसगन ग्रुप ने अंसल आईटी सिटी पार्क (एसईजेड) टेक जोन, ग्रेटर नोएडा में एचडीएफसी और अंसल की हिस्सेदारी के अधिग्रहण की घोषणा की है, जहां वह वाणिज्यिक, आईटी और औद्योगिक के साथ 37.5 एकड़ मिश्रित उपयोग परियोजना विकसित करेगी।  समूह अगले वर्ष में छह परियोजनाओं में 4000 अपार्टमेंट और कमर्शल संपत्ति सौंप देगा। 



रविवार, 21 फ़रवरी 2021

लखनऊ : 30% तक सस्ते होंगे अवध विहार योजना और वृंदावन योजना के फ्लैट्स (UPHDB to give 30% discount on flats in Avadh Vihar, Vrindavan Yojana)



मार्च-2021 से लागू हो सकता है छूट का ऑफर

प्रॉपर्टी टर्मिनल: उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद जल्द ही अपनी राजधानी लखनऊ में अवध विहार योजना और वृंदावन योजना के फ्लैट्स पर तीस प्रतिशत छूट की घोषणा करेगा। परिषद इस प्रस्ताव को मार्च के पहले सप्ताह में होने वाली बोर्ड बैठक में रखेगा।

अवध विहार योजना और वृंदावन योजना मे रेडी टू मूव करीब 1443 फ्लैट्स खाली है। यह फ्लैट चार साल पहले बनकर तैयार हो गए थे, लेकिन अब तक बिके नहीं थे। केवल इन दो प्रॉजेक्ट को पूरा करने में 850 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे।

उत्तरप्रदेश आवास एवं विकास परिषद के वित्त नियंत्रक धर्मेंद्र वर्मा इन बचे हुए फ्लैट्स को छूट देकर बेचने का डिटेल प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन फ्लैट्स के निर्माण में ब्रैंडेड टाइल्स, मार्बल का गुणवत्ता युक्त कार्य किया गया है। इसके अलावा इन फ्लैट्स में लाइटिंग और वेंटिलेशन पर भी काफी ध्यान दिया गया है। यह फ्लैट्स प्राइवेट बिल्डर्स द्वारा बेचे जा रहे इसके समतुल्य फ्लैट्स की तुलना में बहुत ज्यादा अच्छे हैं।

यह वन बीएचके और टू बीएचके में उपलब्ध हैं। प्रचार और प्रसार कम होने के कारण हमे इन फ्लैटस के लिए बहुत खरीददार अब तक नहीं मिले हैं। 

गुरुवार, 18 फ़रवरी 2021

गाय को बचाने में सार्थक होगी गो विज्ञान परीक्षा

 

मत्सय, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत गठित कामधेनु आयोग 25 फरवरी को गाय पर एक एग्जाम करवाने जा रहा है। कामधेनु गो विज्ञान प्रचार प्रसार परीक्षा को पास करने पर सफल अभ्यर्थी को प्रमाणपत्र और कैश इनाम में दिया जाएगा। एग्जाम का उद्देश्य गाय को सिर्फ राष्ट्रीय स्तर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है। इस एग्जाम में आने वाले प्रश्न बेहद जानकारी परक है। देशी गाय और विदेशी गाय के अंतर, वेदों में गाय की भूमिका और महत्व जैसे कई प्रमुख विषय पर सवाल पूछे जाने हैं। कामधेनु आयोग की तरफ से की गई यह पहल सराहनीय है। इससे निकट भविष्य में सरकार गो विज्ञान को पाठ्यक्रमों में शामिल भी करेगी।

मेरा मानना है कि गाय के बारे में देश के सभी नागरिकों को जानकारी होनी ही चाहिए। बचपन से ही हमें गाय पर जानकारी देने के लिए स्कूलों में निबंध लिखना सिखाया जाता रहा है। शायद ही ऐसा कोई व्यक्ति हो जिसने बचपन में गाय पर निबंध न लिखा हो। वैदिक काल से ही गाय को पूजनीय माना गया है। गाय को पशु कहना भी ठीक नहीं है। तभी तो वेदों में कहा गया है कि-

तिलं न धान्यम, पशुव: न गाव:

अर्थात तिल धान्य नहीं और गाय पशु नहीं है।

‘गो सर्व देवमयी, गो सर्व तीर्थमयी’

अर्थात गाय में सभी देवों के गुण समाय हुए हैं और सभी तीर्थ स्थल की महिमा व्याप्त है। मुस्लिम धर्मशास्त्री अल गजाली (1058-1111) के अनुसार भी गाय का दू स्वास्थ्य वर्धक, उसका घी औषधि और मांस बीमारी देने वाला है। ज्ञात हो कि भारत में करीब 54 प्रकार की देशी गाय की प्रजातियां हैं। देशी गाय विदेशी गायों की तुलना में बहुत ही उपयोगी है। देशी गाय का दूध जहां शिशुओं के लिए लाभकारी होता है, वहीं विदेशी गाय का दूध नुकसानदायक होता है।

भारत में भले ही देशी और विदेशी गाय के दूध में अंतर न किया जाता हो, लेकिन अमेरिका में इस अंतर को A1 और A2 में वर्गीकत किया गया है। इसके मुताबिक देशी गाय से मिलने वाला दूध A2 कहलाता  है, जबकि विदेशी गाय का दूध A1 कहा जाता है। A2 दूध में बीटा केसीन की मौजूदगी रहती है।  जोकि कई रोगों में फायदेमंद होता है। जबकि जर्सी और एचएफ गाय से मिलने वाले दूध A1 में बीटा केसीन का यह अनुवांशिक रूप नहीं होता है।  विदेशी गाय के दूध में मिलने वाला बीटा कैसोमोर्फिन 7(BCM7) नामक रसायन कैंसर, मधुमेह, ह्रदय रोग और अस्थमा जैसे रोगों के लिए जिम्मेदार है।

देशी गाय के दूध की गुणवत्ता प्रथ्वी पर सबसे अच्छी है, हालांकि इसकी उत्पादकता विदेशी गाय की तुलना में कम है। देशी गाय के पंचगव्य का प्रयोग वेदों में बताया गया है, साथ ही वैज्ञानिक शोध में भी इसकी पुष्टि हुई है। वहीं विदेशी गाय का गोबर और मूत्र प्रयोग लायक नहीं होता है। जबकि देशी गाय का गोबर और मूत्र के प्रयोग को आयुर्वेद में औषधि के रूप में बताया गया है। इसके अलावा भारतीय गाय के दूध में ओमेगा-3 का उच्च स्तर होता है, जो कॉलेस्ट्राल को साफ रखता है, वहीं विदेशी गाय के दूध में कॉलेस्ट्रॉल पर कोई सकारात्मक प्रभाव नहीं होता है, बल्कि यह खराब कॉलेस्ट्रॉल को बढ़ाने के रूप में जाना जाता है।

भारतीय गाय के दूध में मौजूद सेरेब्रोसिड्स मस्तिष्क की शक्ति को बढ़ता है। इसमें मौजूद स्ट्रोंटियम शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ता है। इसका दूध, दही, घी, गोबर, मूत्र सभी में औषधीय गुण होते हैं। देशी गाय की पहचान उसका पीठ में उठा हुआ कूबड़, गले के नीचे लटकती खाल (गलकम्ब) होता है। इसका कूबड़ सूर्य से विटामिन डी अवशोषित कर अपने दूध में छोड़ने के लिए जाना जाता है। यही वजह है कि सिर्फ गाय के दूध में ही विटामिन डी पाया जाता है। विदेशी गाय में यह नहीं होता है।

चरक संहिता में कहा गया है कि कुष्ठ रोग, खुजली, प्लीहा, कृमि रोग, ब्रेन, ट्यूमर  जैसे रोग जल की अशुद्धि एव अशुद्ध खाद्य से होते हैं। इन रोगों के निवारण में गो मूत्र अत्यंत लाभकारी बताया गया है। 

बुधवार, 3 फ़रवरी 2021

मानसून की पूर्व जानकारी देने वाला उत्तर भारत का रहस्यमयी जगन्नाथ मंदिर












कानपुर : उत्तरप्रदेश में कानपुर जिले के भीतरगांव ब्लॉक के बेहटा बुजुर्ग गांव का यह मंदिर रहस्यमयी धरोहर है।  उत्तर भारत में दक्षिण शैली का बना यह एक मात्र मंदिर है। मंदिर के अंदर नायाब शिल्पकला में निर्मित भगवान जगन्नाथ की काफी ऊंचे सिंघासन में विराजमान प्रतिमा है। सिंघासन का निचला हिस्सा शिवलिंग के अरघे के आकार का है। इस मंदिर को मानसून मंदिर भी कहा जाता है। मंदिर की छत से टपकने वाली पानी की बूंदों का रहस्य अनोखा है। भीषण गर्मी में गर्भ गृह की छत पर लगे एक विशेष पत्थर से इन बूंदों का टपकना और बरसात आते ही सूख जाना किसी आश्चर्य से कम नहीं है। मानसून आने के आठ दिन पहले ही टपकने वाली ये पानी की बूंदे मानसून आने का संकेत देती हैं। गांव के लोगों की मानें तो इन बूंदों का आकार बताता है कि मानसून अच्छा रहेगा या कमजोर।  इस इलाके में काफी समय से काम कर रहे लोगों का भी कहना है कि मंदिर को लेकर उनका अटूट विश्वास है।

यह मंदिर बाहर से बौद्ध स्तूप जैसा दिखाई देता है। मंदिर के ऊपर बने दो कलशनुमा शिखरों को देखने पर यह एक रथाकर चित्र बनाते हैं। इसके अलावा मंदिर के बाहरी हिस्से को अगर ध्यान से देखें तो यह कमल की पंखुड़ियों से घिरा दिखेगा।  मंदिर के शिखर पर एक लौह चक्र है। यह चक्र मंदिर निर्माण के समय लगाया गया होगा। लोहे का होने के बावजूद आज तक इसमें जंग नहीं लगा। भारतीय पुरातत्व विभाग से यहां तैनात सुबोध शुक्ला की मानें तो यह चक्र उसी लोहे से बना है, जिससे दिल्ली के महरौली में लौह स्तंभ बनाया गया है। इस मंदिर के निर्माण और समय को लेकर कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है।

 विशेष धार्मिकऐतिहासिक और भौगोलिक तथ्यों से भरा ये मंदिर 21वीं सदी के विज्ञान के लिए बड़ी चुनौती है।अलग-अलग देशों से कई इतिहासकार, वैज्ञानिक यहां चुके हैं, लेकिन कोई इसके पीछे के राज का खुलासा नहीं कर सका है। भारतीय पुरातत्व ने कार्बन डेटिंग से इस मंदिर का निर्माण नवीं शताब्दी में होने की बात कही है।